Advertisement
भारतलाइव अपडेट
Trending

यूएई राष्ट्रपति शेख मोहम्मद बिन जायद अल नाहयान का भारत दौरा

Advertisement
Advertisement

संयुक्त अरब अमीरात (UAE) के प्रति अध्यक्ष शेख मोहम्मद बिन जायद अल नाहयान सोमवार को भारत के आधिकारिक दौरे पर नई दिल्ली पहुंचे, जहाँ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने उन्हें बड़े ही गर्मजोशी से एयरपोर्ट पर स्वागत किया। इस स्वागत समारोह ने दोनों देशों के बीच मज़बूत और दीर्घकालिक साझेदारी को एक बार फिर रेखांकित किया है।

भारत–यूएई संबंधों को “रणनीतिक साझेदारी” के रूप में परिभाषित किया जाता है और इस दौरे को इसी साझेदारी को और गहरा तथा विस्तृत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। दोनों नेताओं के बीच पहले मित्रवत बातचीत और एक-दूसरे के साथ कार में यात्रा करना जैसी कूटनीतिक झलकियाँ इस बात का संकेत हैं कि दोनो राष्ट्रों के रिश्ते न सिर्फ औपचारिक, बल्कि व्यक्तिगत रूप से भी घनिष्ठ हैं।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने एयरपोर्ट पर शेख मोहम्मद बिन जायद के आगमन पर उनका अभिनंदन किया और मीडिया में साझा किए गए फोटो तथा संदेश में उन्हें अपना “भाई” बताया। मोदी ने कहा कि इस दौरे से यह स्पष्ट होता है कि UAE भारत के साथ अपने मज़बूत दोस्ती और साझा हित को कितना महत्व देता है। उन्होंने अपने X (पूर्व में Twitter) पोस्ट में लिखा कि वे दोनों नेता व्यापक रणनीतिक साझेदारी, व्यापार, ऊर्जा सहयोग और क्षेत्रीय सुरक्षा जैसे मुद्दों पर विस्तृत विचार-विमर्श करेंगे।

यह दौरा अपेक्षाकृत संक्षिप्त (लगभग दो घंटे) का है, लेकिन इसे कूटनीति और रणनीतिक साझेदारी के लिहाज़ से अत्यंत महत्वपूर्ण माना जा रहा है। इस दौरान दोनों देशों के बीच ऊर्जा, व्यापार, रक्षा सहयोग और निवेश के क्षेत्रों में समझौतों पर भी विस्तार से चर्चा होने की संभावना है। यह दौरा शेख मोहम्मद बिन जायद के राष्ट्रपति बनने के बाद भारत की तीसरी आधिकारिक यात्रा है, जबकि पिछले दस वर्षों में यह उनका पाँचवाँ भारत दौरा है।

प्रधानमंत्री मोदी ने दिल्ली में अपने आवास पर UAE राष्ट्रपति और उनके परिवार का स्वागत करते हुए उन्हें भारत की पारंपरिक सौगातें, जैसे कश्मीर की पश्मीना शॉल और हल्दी-सोने का केसर, भेंट किए। इन उपहारों में भारत की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत और हस्तकला की उत्कृष्टता को दर्शाया गया है।

विश्लेषकों का मानना है कि यह दौरा भारत-यूएई के बीच मौजूदा सहयोग की गति को बनाए रखने और इसे और ऊँचा उठाने का संकेत है, विशेष रूप से व्यापार, निवेश, ऊर्जा सुरक्षा, रक्षा और क्षेत्रीय स्थिरता जैसे सामरिक मुद्दों पर। दोनों देश पहले से ही रणनीतिक साझेदारी के विभिन्न मंचों पर साथ काम कर रहे हैं और इस दौरे से यह साझेदारी नयी दिशा और मजबूती प्राप्त कर सकती है।

इस तरह के उच्च-स्तरीय दौरे दो देशों के बीच सिर्फ कूटनीतिक बातचीत तक सीमित नहीं रहते, बल्कि आर्थिक, सामाजिक और क्षेत्रीय स्तर पर भी आपसी विश्वास और सहयोग को और गहरा करते हैं। ऐसे दौरों से यह संदेश भी मजबूत होता है कि भारत और UAE दोनों ही विश्व स्तर पर शांति, विकास और साझी प्रगति की दिशा में मिलकर काम करना चाहते हैं।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button
YouTube
LinkedIn
Share