
बांग्लादेश - मयमेंसिंह में हिंदू युवक बजेंद्र बिस्वास की गोली मारकर हत्या
बांग्लादेश में अल्पसंख्यक समुदाय, विशेषकर हिंदुओं के खिलाफ हिंसा की घटनाएं लगातार चिंता बढ़ा रही हैं। ताजा मामला मयमेंसिंह जिले के भालुका उपजिला से सामने आया है, जहां हिंदू युवक बजेंद्र बिस्वास की गोली मारकर हत्या कर दी गई। बजेंद्र बिस्वास एक निजी गारमेंट फैक्ट्री सुल्ताना स्वेटर्स लिमिटेड में अंसार (सहायक सुरक्षा बल) के रूप में तैनात थे और ड्यूटी के दौरान ही यह दर्दनाक घटना हुई। जानकारी के अनुसार, फैक्ट्री परिसर में मौजूद उनके ही एक सहकर्मी ने कथित तौर पर उन पर गोली चला दी, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गए। उन्हें तत्काल अस्पताल ले जाया गया, लेकिन इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई।
पुलिस ने मामले में आरोपी को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी है और हत्या के पीछे के कारणों की जांच की जा रही है। हालांकि शुरुआती तौर पर इसे आपसी विवाद बताया जा रहा है, लेकिन मृतक के हिंदू होने के कारण इस घटना को अल्पसंख्यकों के खिलाफ हो रही हिंसा की कड़ी के रूप में देखा जा रहा है। स्थानीय हिंदू समुदाय में इस घटना के बाद भय और आक्रोश का माहौल है। लोगों का कहना है कि हाल के दिनों में इस तरह की घटनाएं बढ़ी हैं, जिससे अल्पसंख्यक खुद को असुरक्षित महसूस कर रहे हैं।
गौरतलब है कि बीते कुछ हफ्तों में बांग्लादेश के अलग-अलग हिस्सों से हिंदू समुदाय पर हमले और हत्याओं की कई घटनाएं सामने आई हैं। इससे पहले भी मयमेंसिंह क्षेत्र में एक हिंदू युवक की पीट-पीटकर हत्या कर दी गई थी, जबकि ढाका समेत अन्य इलाकों में भी अल्पसंख्यकों को निशाना बनाए जाने की खबरें आई थीं। इन घटनाओं ने बांग्लादेश में कानून-व्यवस्था और अल्पसंख्यकों की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
मानवाधिकार संगठनों और सामाजिक कार्यकर्ताओं ने सरकार से मांग की है कि दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाए और अल्पसंख्यक समुदाय को सुरक्षा का भरोसा दिलाया जाए। वहीं, भारत समेत अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी इन घटनाओं पर नजर रखी जा रही है। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि समय रहते ठोस कदम नहीं उठाए गए, तो स्थिति और गंभीर हो सकती है। बजेंद्र बिस्वास की हत्या न सिर्फ एक व्यक्ति की मौत है, बल्कि यह बांग्लादेश में अल्पसंख्यकों की सुरक्षा को लेकर बढ़ती चिंताओं का प्रतीक बनती जा रही है।



