
दिल्ली के रोहिणी सेक्टर-24 में फिरौती-धमकी के बाद ताबड़तोड़ फायरिंग
दिल्ली के रोहिणी सेक्टर-24 इलाके में बुधवार शाम फायरिंग (gunfire) की एक गंभीर घटना सामने आई, जिसने पूरे इलाके में दहशत फैला दी। खबर के मुताबिक़ करीब दो दर्जन से अधिक राउंड गोलियाँ चलीं, जिसमें कोई हताहत नहीं हुआ लेकिन सुरक्षाहीन माहौल पैदा हो गया और स्थानीय लोग भयभीत हो गए। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
घटना की शुरुआत उस समय हुई जब अज्ञात बदमाशों ने एक प्रॉपर्टी डीलर के घर के बाहर बेरोक-टोक फायरिंग की। शुरुआती जानकारी के अनुसार यह हमला निर्दिष्ट धमकी और फिरौती (extortion threat) की वेबसाइट से जुड़ा हुआ बताया गया है, जिसमें पहले भी पीड़ित से करीब 3 करोड़ रुपये की फिरौती मांगी गयी थी।
सूत्रों के मुताबिक़ करीब 15 दिनों पहले भी डीलर को फोन और मैसेज के माध्यम से 3 करोड़ रुपये की मांग की गयी थी और यदि रकम नहीं दी गयी तो परिवार के खिलाफ भयावह परिणाम की धमकी दी गयी थी। इस धमकी भरे संदेश के कुछ ही समय बाद ही बदमाशों ने ताबड़तोड़ गोलीबारी कर दी, जिससे स्थानीय लोगों में डर और असुरक्षा की स्थिति उत्पन्न हो गयी।
पुलिस प्रतिक्रिया और जांच:
घटना के तुरंत बाद पुलिस की टीम मौके पर पहुंची और PS बेगमपुर पुलिस स्टेशन में FIR दर्ज कर ली गयी है। प्राथमिकी में आरोपियों पर जबरन वसूली (extortion) तथा फायरिंग (section related to arms misuse) के तहत केस दर्ज किया गया है। पुलिस ने आसपास लगे सीसीटीवी फुटेज और फोन डेटा एकत्र करना प्रारंभ कर दिया है ताकि हमलावरों की पहचान की जा सके और पीछे के आजन्म गिरोह नेटवर्क का पता लगाया जा सके।
घटना की गंभीरता को देखते हुए क्राइम ब्रांच और FSL टीम भी जांच में शामिल है। इस पूरे मामले से प्रतीत होता है कि संगठित गिरोहख़ानों के सदस्य या किसी बड़े गिरोह का हाथ हो सकता है, जो राजधानी में जमीनी तौर पर प्रभाव बनाए रखना चाहते हैं। हालांकि अभी तक किसी गिरफ्तारी की पुष्टि नहीं हुई है, लेकिन पुलिस आरोपियों तक पहुँचने के लिए विभिन्न इलेक्ट्रॉनिक और फील्ड जांच उपकरणों का इस्तेमाल कर रही है।
स्थानीय लोगों की प्रतिक्रिया:
रोहिणी सेक्टर-24 के निवासियों ने बताया कि गोलीबारी की आवाज़ से पूरा इलाका थर्रा गया और लोग अपने घरों के अंदर रहने को मजबूर हो गये। बच्चों और बुज़ुर्गों में विशेष रूप से भय का माहौल रहा। एक स्थानीय निवासी ने कहा कि “ऐसा लगता है कि अपराधियों के हौसले बहुत बढ़ गए हैं, और हमें सुरक्षित महसूस नहीं होता।”
अभी यह स्पष्ट नहीं है कि इस फायरिंग और धमकी का सीधा संबंध किसी ऐसे गिरोह से है जो पहले भी राजधानी में फ़ायनेंशियल और प्रॉपर्टी डीलरों से वसूली की कोशिश कर चुका हो — हालांकि ऐसी घटनाओं की पृष्ठभूमि पिछले कुछ सालों में कई बार देखी गयी है, जिसमें आपराधिक गिरोह ने फोन धमकियों और बाहरी नेटवर्क के ज़रिये भय फैलाया है।
न्यायिक और कानून-व्यवस्था पर प्रभाव:
घटना दिल्ली में कानून-व्यवस्था की चुनौती को फिर से उजागर करती है। राजधानी में ऐसे अपराधों की बढ़ती घटनाओं ने स्थानीय समुदाय में सुरक्षा चिंताओं को बढ़ाया है और पुलिस पर दबाव बनाया है कि वे तेजी से आगे आएं और संगठित आपराधिक नेटवर्क का भंडाफोड़ करें।



