
पाकिस्तान ने जयशंकर-अयाज सादिक हैंडशेक को बढ़ा-चढ़ा कर पेश किया
बांग्लादेश की ढाका में भारत के विदेश मंत्री एस. जयशंकर और **पाकिस्तानी नेशनल असेंबली के स्पीकर सरदार अयाज सादिक के बीच हाथ मिलाने (handshake) की एक तस्वीर सार्वजनिक होने के बाद पाकिस्तान ने इसे एक बड़ी उपलब्धि के रूप में पेश करना शुरू कर दिया, यह कहते हुए कि यह प्रतीकात्मक संवाद की शुरुआत और बातचीत की इच्छा (talks, diplomacy) दिखाता है। वहीं, **भारत ने स्पष्ट कर दिया है कि यह सिर्फ एक सामान्य शिष्टाचार भेंट (courtesy meet) थी और इसमें कोई द्विपक्षीय वार्ता या कोई रणनीतिक कदम नहीं था।
यह घटना **बांग्लादेश की पूर्व प्रधानमंत्री खालिदा जिया के अंतिम संस्कार के दौरान हुई, जहां कई देशों के प्रतिनिधि मौजूद थे, और इसी औपचारिक माहौल में दोनों नेताओं ने हाथ मिलाया था। पाकिस्तान ने अपने बयान में इसे “मई 2025 के बाद पहली महत्वपूर्ण उच्च स्तरीय मुलाकात” के रूप में प्रस्तुत किया, जबकि भारत ने इसे सिर्फ एक शोक भेंट और शिष्टाचार की प्रतिक्रिया बताया।
भारत का कहना है कि इस तरह की छोटी बातचीत को बड़े राजनीतिक अर्थ में नहीं लिया जाना चाहिए और पाकिस्तान की ओर से इसे बढ़ा-चढ़ा कर पेश करना अनावश्यक है, खासकर जब यह कोई पेशेवर या औपचारिक वार्ता नहीं थी।



