
बृहन्मुंबई महानगरपालिका (BMC) चुनाव 2026 में आज मतदान समाप्त हो गया है और मतदान के तुरंत बाद जारी एग्जिट पोल के नतीजे बताने लगे हैं कि महायुति गठबंधन (जिसमें भाजपा, शिवसेना-शिंदे गुट और एनसीपी-शिंदे-समर्थक शामिल हैं) को श्रेष्ठता मिलती दिख रही है। कई प्रमुख एग्जिट पोल एजेंसियों के “Poll of Polls” के अनुसार महायुति को बड़ा वोट शेयर मिलने का अनुमान लगाया गया है, जिससे संकेत मिलता है कि मुंबई की राजनीति में इन गठबंधन उम्मीदवारों को प्रतिस्पर्धी उम्मीदवारों की तुलना में अधिक समर्थन मिला है। हालांकि, आधिकारिक और वास्तविक परिणामों की गिनती 16 जनवरी सुबह 10 बजे से शुरू होगी, जिसके बाद ही यह साफ़ होगा कि बीएमसी में किसका दबदबा कायम होगा।
एग्जिट पोल के शुरुआती आंकड़ों में रिपोर्ट किया गया है कि महिलाओं सहित कई वर्गों के मतदाता महायुति गठबंधन के उम्मीदवारों को समर्थन दे रहे हैं, जिससे यह अनुमान लगाया जा रहा है कि महायुति का पलड़ा फिर भारी हो सकता है। इन एग्जिट पोल परिणामों को राजनीतिक विश्लेषकों द्वारा संभावित रूझानों के रूप में देखा जा रहा है, लेकिन असल परिणाम मतगणना के बाद ही निश्चित होंगे।
इस बार के बीएमसी चुनाव में राजनीतिक माहौल बेहद गर्म रहा, खासकर मुंबई की 227 सीटों वाले नगर निगम में जहां भाजपा-शिवसेना के अलावा कांग्रेस, एनसीपी, मनसे तथा उद्धव ठाकरे-राज ठाकरे के संयुक्त प्रयास (MVA-तत्व) ने जोरदार मुकाबला किया। मतदान के दौरान सुरक्षा संबंधी कड़े इंतजाम किए गए थे और मतदाता उत्साह भी काफी देखा गया।
यह चुनाव महाराष्ट्र की राजनीति के लिहाज से बड़ा माना जा रहा है क्योंकि बीएमसी देश की सबसे बड़ी और धनसम्पन्न नगर पालिका है, और यहां की सत्ता जीतना राजनीतिक दलों के लिए राजनीतिक प्रभाव, शहरी विकास नीति और स्थानीय प्रशासन के नियंत्रण के लिहाज से अत्यंत महत्वपूर्ण है।
चुनाव के नतीजों के लिए मतगणना कल सुबह से शुरू होगी और उसके बाद यह स्पष्ट हो जाएगा कि महायुति गठबंधन अपनी मजबूत पकड़ बरकरार रख पाता है या विपक्षी दलों ने कोई अप्रत्याशित परिणाम हासिल किया है। इन नतीजों से न केवल मुंबई की राजनीति बल्कि महाराष्ट्र की स्थानीय सियासत की दिशा भी प्रभावित होगी।



