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रेलवे बजट 2026: रेलवे को मेगा बूस्ट

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1 फरवरी 2026 को संसद में पेश किए गए रेलवे बजट 2026-27 में वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने भारतीय रेलवे के भविष्य को दिशा देने वाली कई महत्वाकांक्षी योजनाओं की घोषणा की है। इस बार बजट में रेलवे सेक्टर को पहले से भी अधिक बड़ा निवेश और नई तकनीकी दिशा दी गई है, जिसका लक्ष्य न केवल यात्रियों को बेहतर सेवा देना है बल्कि देश की आर्थिक वृद्धि और इंफ्रास्ट्रक्चर क्षमता में वृद्धि को भी गति प्रदान करना है।

प्रमुख घोषणा के रूप में सरकार ने सात नए हाई-स्पीड रेल कॉरिडोर विकसित करने का प्रस्ताव रखा है, जो देश के बड़े शहरों को आपस में तेज़ गति से जोड़ेंगे। इन कॉरिडोरों में मुंबई-पुणे, पुणे-हैदराबाद, हैदराबाद-बेंगलुरु, हैदराबाद-चेन्नई, चेन्नई-बेंगलुरु, दिल्ली-वाराणसी और वाराणसी-सिलीगुड़ी जैसे प्रमुख रूट शामिल हैं, जिनसे यात्रा का समय कम होने, यात्रा अनुभव बेहतर होने और आर्थिक विकास के लिए नए अवसर खुलने की उम्मीद है।

बजट में रेलवे इंफ्रास्ट्रक्चर के लिए विशाल पूंजीगत व्यय (capex) का प्रावधान भी किया गया है, जिससे ट्रैक विस्तार, स्टेशन उन्नयन, लॉजिस्टिक्स नेटवर्क और सुरक्षा प्रणालियों को मजबूती मिलेगी। कई विशेषज्ञों के अनुसार, इस निवेश से भारतीय रेलवे की क्षमता और विश्वसनीयता दोनों में सुधार होगा।

साथ ही सरकार ने नए वंदे भारत ट्रेन नेटवर्क को और विस्तृत करने की दिशा में भी काम करने का इरादा जताया है। इस दिशा में नई वंदे भारत ट्रेन सेवाएं और संभवतः वंदे भारत स्लिपर (नींद यात्रा के लिए) जैसी सुविधाएँ शामिल होंगी, जो लंबी दूरी की ट्रेन सेवाओं को और अधिक आरामदायक व तेज़ बनाएँगी। यह बदलाव देश के प्रमुख शहरों के बीच यात्रा को और अधिक सुविधाजनक बनाएगा और यात्रियों को बेहतर सुविधा देगा।

रेलवे के लॉजिस्टिक्स और माल ढुलाई नेटवर्क को भी मजबूत बनाने के लिए प्रस्तावित धनराशि से डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर को और विस्तारित किया जाएगा, जो पश्चिम और पूर्व भारत के लॉजिस्टिक्स मार्गों को जोड़ने में मदद करेगा। इससे माल ढुलाई की गति बढ़ेगी और लॉजिस्टिक्स लागत कम होगी, जो व्यापार तथा औद्योगिक गतिविधियों को भी प्रोत्साहित करेगा।

रेल सुरक्षा को और बेहतर बनाने के लिए “कवच” जैसी आधुनिक तकनीक पर भी फोकस रखा गया है, जिससे रेल दुर्घटनाओं की संभावना घटेगी और यात्रियों को सुरक्षित ट्रैवल अनुभव मिलेगा।

कुल मिलाकर, रेलवे बजट 2026-27 ने भारतीय रेलवे को आधुनिक, तेज़, सुरक्षित और अधिक किफ़ायती बनाने का स्पष्ट रोडमैप पेश किया है। इन पहलों से न केवल यात्रियों को लाभ मिलेगा बल्कि देश की बुनियादी ढांचे की क्षमता और आर्थिक गतिशीलता भी मजबूत होगी। राजमार्गों और हवाई मार्गों के साथ एकीकृत होकर रेलवे भारत की विकास यात्रा का एक और महत्वपूर्ण इंजन बन सकता है।

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