
दिल्ली-एनसीआर में वायु प्रदूषण एक बार फिर खतरनाक स्तर पर पहुंच गया है। एयर क्वालिटी इंडेक्स (AQI) के 400 के पार चले जाने के बाद प्रशासन ने पूरे एनसीआर में ग्रेडेड रिस्पॉन्स एक्शन प्लान (GRAP) का स्टेज-3 लागू कर दिया है। यह स्तर “गंभीर” श्रेणी में आता है, जो खासकर बच्चों, बुजुर्गों और सांस व हृदय रोग से पीड़ित लोगों के लिए बेहद नुकसानदायक माना जाता है। लगातार कम होती हवा की रफ्तार, प्रदूषकों का जमाव और मौसम की प्रतिकूल परिस्थितियों के कारण राजधानी की हवा और ज्यादा खराब होती चली गई।
GRAP-3 लागू होने के बाद अब बीएस-III पेट्रोल और बीएस-IV डीज़ल चार पहिया वाहनों पर रोक, गैर-जरूरी निर्माण और तोड़फोड़ कार्यों पर प्रतिबंध, ईंट-भट्ठों और प्रदूषण फैलाने वाले उद्योगों पर सख्त निगरानी जैसे कदम उठाए गए हैं। साथ ही, सरकारी और निजी दफ्तरों को वर्क फ्रॉम होम की सलाह दी जा सकती है और स्कूलों को हाइब्रिड या ऑनलाइन मोड में शिफ्ट करने पर भी विचार किया जा रहा है। प्रशासन का कहना है कि अगर हालात और बिगड़ते हैं तो इससे भी कड़े कदम उठाए जा सकते हैं।
स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने लोगों को सुबह-शाम बाहर निकलने से बचने, मास्क पहनने और अनावश्यक यात्रा न करने की सलाह दी है। डॉक्टरों के मुताबिक, इस स्तर का प्रदूषण आंखों में जलन, सांस लेने में दिक्कत, खांसी और फेफड़ों से जुड़ी गंभीर समस्याएं पैदा कर सकता है। सरकार और प्रदूषण नियंत्रण एजेंसियां हालात पर लगातार नजर बनाए हुए हैं, लेकिन जब तक मौसम में बदलाव नहीं होता, तब तक राहत की उम्मीद कम ही नजर आ रही है।



