
सुप्रीम कोर्ट ने EPF वेतन सीमा पर बड़ा फैसला: केंद्र को 4 महीने में निर्णय देने का निर्देश
सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को कर्मचारी भविष्य निधि (EPF) योजना में वेतन सीमा (wage ceiling) को लेकर एक महत्वपूर्ण निर्देश जारी किया है, जिसमें अदालत ने केंद्र सरकार और कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (EPFO) को चार महीने के भीतर इस सीमा पर निर्णय लेने का आदेश दिया है। इस कदम से संभवतः लाखों कर्मचारियों को PF-के सामाजिक सुरक्षा लाभ में व्यापक कवरेज मिल सकता है।
वर्तमान में EPF योजना के तहत ₹15,000 प्रति माह का वेतन सीमा लागू है, जिसके ऊपर कमाने वाले कर्मचारियों को अनिवार्य EPF कवरेज नहीं मिलता। यह सीमा लगभग 11 वर्षों से अपरिवर्तित रही है, जबकि महंगाई और न्यूनतम मजदूरी दरें लगातार बढ़ी हैं। याचिका में बताया गया कि यह सीमा अब अर्थव्यवस्था के वर्तमान परिदृश्य से मेल नहीं खाती और इससे बड़ी संख्या में कर्मचारियों को सामाजिक सुरक्षा लाभ से बाहर रखा जा रहा है।
सुप्रीम कोर्ट की पीठ — जिसमें न्यायमूर्ति जे. के. माहेश्वरी और न्यायमूर्ति ए. एस. चंदुरकर शामिल हैं — ने याचिकाकर्ता को दो सप्ताह के भीतर अपनी याचिका की कॉपी केंद्र सरकार तथा EPFO के समक्ष पेश करने की अनुमति भी दी और इसके बाद चार माह में निर्णय लेने का निर्देश दिया। अदालत ने यह नहीं कहा कि सीमा क्या होनी चाहिए, पर निर्णय लेने के लिए सख्त समय-सीमा तय की है।
विश्लेषकों के अनुसार यदि यह वेतन सीमा बढ़ाई जाती है, तो अब तक EPF कवरेज के दायरे से बाहर रहे मध्यम-वेतन वाले कर्मचारियों को भी इसका लाभ मिल सकता है, जिससे भविष्य निवेश और सेवानिवृत्ति-सुरक्षा बेहतर होगी I



