
INDIA गठबंधन का आज ‘मॉक संसद’ में CEC ज्ञानेश कुमार के खिलाफ जन महाभियोग
दिल्ली में चुनाव आयोग और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ विपक्षी INDIA गठबंधन का विरोध प्रदर्शन तेज होने जा रहा है। गठबंधन शनिवार, 31 अक्टूबर को ज्ञानेश कुमार के खिलाफ प्रतीकात्मक ‘जन महाभियोग’ कार्यक्रम आयोजित कर रहा है। इसके अगले दिन यानी 1 नवंबर को दिल्ली के रामलीला मैदान में बड़ी रैली निकाली जाएगी। विपक्ष का आरोप है कि चुनाव प्रक्रिया में गड़बड़ियां हुई हैं और मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण यानी SIR के दौरान कई मतदाताओं के नाम हटाए गए हैं।
INDIA गठबंधन का यह कार्यक्रम पहले शुक्रवार को होना था, लेकिन दिल्ली में बारिश के कारण इसे एक दिन के लिए टाल दिया गया। राहुल गांधी ने बताया कि सभी नेताओं की सहमति से कार्यक्रम शनिवार को उसी समय आयोजित करने का फैसला लिया गया, ताकि वरिष्ठ नेताओं को बारिश में बैठने की परेशानी न हो। अब यह कार्यक्रम कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे के आवास पर आयोजित किया जा रहा है।
इस प्रतीकात्मक कार्यवाही की अध्यक्षता लोकसभा की पूर्व स्पीकर मीरा कुमार करेंगी। योजना के मुताबिक, मल्लिकार्जुन खरगे ज्ञानेश कुमार के खिलाफ प्रस्ताव पेश करेंगे, जबकि राहुल गांधी अंत में अपनी बात रखेंगे। गठबंधन में शामिल अलग-अलग दलों के प्रतिनिधियों को भी कार्यक्रम में बोलने का मौका दिया जाएगा। विपक्ष इसे चुनाव आयोग के कामकाज और उससे जुड़े आरोपों पर जनता के सामने अपनी बात रखने का माध्यम बता रहा है।
विपक्षी दलों ने ज्ञानेश कुमार पर चुनाव प्रक्रिया की निष्पक्षता और पारदर्शिता को लेकर सवाल उठाए हैं। उनका आरोप है कि SIR के दौरान मतदाता सूची से नाम हटाने और चुनाव प्रबंधन से जुड़े फैसलों में अनियमितताएं हुईं। हालांकि, चुनाव आयोग ने अपने फैसलों को सर्वसम्मति से लिया गया बताया है। ऐसे में विपक्ष के आरोप और आयोग का पक्ष इस राजनीतिक विवाद के दो अलग-अलग पहलू हैं।
राहुल गांधी ने 1 नवंबर को होने वाली रामलीला मैदान की रैली में राजनीतिक दलों के अलावा आम नागरिकों, छात्रों, महिलाओं, युवाओं, सामाजिक संगठनों और सिविल सोसायटी के लोगों से शामिल होने की अपील की है। उन्होंने कहा है कि यह प्रदर्शन केवल किसी एक पार्टी का कार्यक्रम नहीं, बल्कि लोकतंत्र और संविधान से जुड़े मुद्दों को उठाने का प्रयास है।
राहुल गांधी ने यह आरोप भी लगाया कि गृह मंत्री अमित शाह और प्रशासनिक व्यवस्था की ओर से उत्तर प्रदेश, बिहार, मध्य प्रदेश, राजस्थान, हरियाणा, तेलंगाना और पंजाब से दिल्ली आने वाले लोगों को रोकने की कोशिश की जा रही है। उन्होंने कहा कि रामलीला मैदान में जुटने वाली भीड़ से लोगों की नाराजगी का अंदाजा लगेगा। हालांकि, लोगों को रोकने के इस आरोप की स्वतंत्र पुष्टि सामने नहीं आई है।
इस बीच, भारतीय जनता पार्टी ने विपक्ष के कार्यक्रम पर सवाल उठाए हैं। भाजपा नेताओं ने इसे विपक्ष की आपसी एकजुटता और संगठनात्मक क्षमता से जुड़ा मुद्दा बताते हुए राहुल गांधी पर निशाना साधा है। भाजपा सांसद संबित पात्रा ने कार्यक्रम टाले जाने को विपक्षी दलों के बीच एकता की कमी से जोड़कर देखा। वहीं, विपक्ष का कहना है कि बारिश के कारण कार्यक्रम की तारीख बदली गई है और उसका आंदोलन जारी रहेगा।
रामलीला मैदान में होने वाली रैली से पहले दिल्ली में राजनीतिक गतिविधियां तेज हो गई हैं। इस आयोजन को लेकर व्यापारियों के एक संगठन ने भी सोनिया गांधी से मुलाकात कर रैली की तारीख आगे बढ़ाने या स्थान बदलने का सुझाव दिया है। संगठन का कहना है कि रैली से कारोबार प्रभावित हो सकता है। वहीं, भाजपा भी दिल्ली में अपने स्तर पर विरोध मार्च की तैयारी कर रही है।
इस तरह 31 अक्टूबर और 1 नवंबर को दिल्ली में INDIA गठबंधन और भाजपा के बीच राजनीतिक टकराव देखने को मिल सकता है। एक ओर विपक्ष चुनाव आयोग और मतदाता सूची से जुड़े मुद्दों पर सरकार को घेरने की तैयारी में है, तो दूसरी ओर भाजपा विपक्ष के आरोपों और आंदोलन की रणनीति पर सवाल उठा रही है। अब सबकी नजरें शनिवार के प्रतीकात्मक जन महाभियोग कार्यक्रम और रविवार को रामलीला मैदान में होने वाली रैली पर टिकी हैं।



