
सुप्रीम कोर्ट में गरजीं ममता बनर्जी: “हम कहीं भी न्याय नहीं पा रहे हैं”
पश्चिम बंगाल Special Intensive Revision (SIR) मतदाता सूची विवाद की सुनवाई के दौरान मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने सुप्रीम कोर्ट में जोरदार बयान दिया कि उन्हें और बंगाल को “कहीं भी न्याय नहीं मिल रहा है”, यही वजह है कि वे यहां याचिका लेकर आई हैं।
उन्होंने कोर्ट में कई गंभीर आरोप लगाए, जिनमें प्रमुख ये हैं: SIR प्रक्रिया का उद्देश्य केवल मतदाता नाम हटाना है, शादी के बाद नाम बदलने पर खासकर महिलाओं के नाम हटाए गए, और यह काम चुनावों से ठीक पहले किया जा रहा है।
ममता ने कहा कि उन्होंने चुनाव आयोग से कई बार लिखित शिकायतें कीं, लेकिन कोई निष्पक्ष जवाब नहीं मिला, इसलिए उन्होंने न्याय के लिए सुप्रीम कोर्ट का रुख किया। उन्होंने दावा किया कि SIR से जुड़े “logical discrepancies” (जैसे जन्म/उमेर, नाम के मिलान में गड़बड़ियाँ) के बहाने आम लोगों के मतदाता सूची से निकाले जा रहे हैं, जिससे लोकतांत्रिक प्रक्रिया प्रभावित हो रही है।
सुप्रीम कोर्ट ने इस विवाद की गंभीरता को देखते हुए Election Commission of India और मुख्य निर्वाचन अधिकारी को नोटिस जारी किया और अगली सुनवाई 9 फ़रवरी के लिए निर्धारित की है।



