
एशियन गेम्स 2026 के लिए भारतीय शूटिंग दल का ऐलान कर दिया गया है और इस बार भी देश की उम्मीदें ओलंपिक पदक विजेता मनु भाकर, युवा स्टार ईशा सिंह और उभरती हुई निशानेबाज सुरुचि फोगाट पर टिकी हुई हैं। नेशनल राइफल एसोसिएशन ऑफ इंडिया (NRAI) द्वारा घोषित 30 सदस्यीय टीम में अनुभवी और युवा खिलाड़ियों का संतुलित मिश्रण देखने को मिला है। यह टीम सितंबर में जापान के आइची-नागोया में होने वाले एशियाई खेलों में भारत का प्रतिनिधित्व करेगी।
भारतीय शूटिंग पिछले कुछ वर्षों में देश के लिए सबसे सफल खेलों में से एक बनकर उभरी है। पेरिस ओलंपिक में ऐतिहासिक प्रदर्शन के बाद अब एशियन गेम्स में भी भारत से कई स्वर्ण पदकों की उम्मीद की जा रही है। चयनकर्ताओं ने हालिया अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं और ट्रायल्स में खिलाड़ियों के प्रदर्शन को ध्यान में रखते हुए टीम का चयन किया है।
सबसे ज्यादा चर्चा मनु भाकर को लेकर है, जिन्हें टीम का सबसे बड़ा चेहरा माना जा रहा है। दो बार की ओलंपिक पदक विजेता मनु भाकर को दो पिस्टल स्पर्धाओं में मौका दिया गया है। मनु पिछले कई वर्षों से भारतीय शूटिंग की सबसे भरोसेमंद खिलाड़ियों में शामिल रही हैं और उन्होंने एशियन चैंपियनशिप सहित कई अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में शानदार प्रदर्शन किया है। चयनकर्ताओं को उम्मीद है कि वह एशियन गेम्स में भी भारत के लिए पदक जीतने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगी।
वहीं युवा निशानेबाज ईशा सिंह भी इस टीम की प्रमुख खिलाड़ियों में शामिल हैं। पिछले कुछ महीनों में ईशा ने जिस तरह का प्रदर्शन किया है, उसने उन्हें भारतीय शूटिंग का नया सितारा बना दिया है। एशियन राइफल एवं पिस्टल चैंपियनशिप में उन्होंने स्वर्ण पदक जीतकर अपनी क्षमता साबित की थी। उनकी निरंतरता और दबाव में प्रदर्शन करने की क्षमता को देखते हुए उनसे भी बड़ी उम्मीदें लगाई जा रही हैं।
टीम की एक और खास खिलाड़ी सुरुचि फोगाट हैं, जिन्होंने बेहद कम समय में अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी पहचान बनाई है। हरियाणा की यह युवा निशानेबाज पिछले कुछ वर्षों में लगातार शानदार प्रदर्शन कर रही हैं। विश्व कप और एशियाई प्रतियोगिताओं में उनके प्रदर्शन ने उन्हें भारत की सबसे प्रतिभाशाली शूटरों में शामिल कर दिया है। एशियन गेम्स में उनका चयन इस बात का संकेत है कि भारतीय शूटिंग में नई पीढ़ी तेजी से आगे बढ़ रही है।
पुरुष वर्ग में भी भारत के पास कई मजबूत दावेदार मौजूद हैं। विश्व चैंपियन सैमरत राणा, अनुभवी निशानेबाजों और युवा प्रतिभाओं के साथ टीम को मजबूती प्रदान करेंगे। वहीं 25 मीटर रैपिड फायर पिस्टल स्पर्धा में भारत की ओर से केवल अनीश भनवाला को मौका दिया गया है। सीमित कोटा के कारण इस स्पर्धा में सिर्फ एक भारतीय खिलाड़ी को चुना गया है, जिससे उनकी जिम्मेदारी और बढ़ गई है।
विशेषज्ञों का मानना है कि भारत की यह टीम एशियन गेम्स में अब तक की सबसे मजबूत शूटिंग टीमों में से एक है। पिछले कुछ वर्षों में भारतीय निशानेबाजों ने विश्व कप, एशियन चैंपियनशिप और ओलंपिक जैसे बड़े मंचों पर लगातार पदक जीतकर अपनी क्षमता साबित की है। यही वजह है कि इस बार शूटिंग से भारत के कुल पदक तालिका में बड़ा योगदान मिलने की उम्मीद जताई जा रही है।
हालांकि एशियन गेम्स में प्रतिस्पर्धा आसान नहीं होगी। चीन, दक्षिण कोरिया, जापान और कजाकिस्तान जैसी मजबूत टीमें भारतीय खिलाड़ियों को कड़ी चुनौती देंगी। इसके बावजूद भारतीय दल के हालिया प्रदर्शन को देखते हुए खेल विशेषज्ञ मानते हैं कि भारत कई स्पर्धाओं में स्वर्ण पदक का प्रबल दावेदार होगा।
अब सभी की नजरें जापान में होने वाले एशियन गेम्स पर टिकी हैं, जहां मनु भाकर, ईशा सिंह, सुरुचि फोगाट और अन्य भारतीय निशानेबाज देश के लिए नए इतिहास रचने के इरादे से मैदान में उतरेंगे। यदि खिलाड़ी अपने हालिया फॉर्म को बरकरार रखते हैं तो भारत के लिए शूटिंग रेंज से एक बार फिर पदकों की बारिश देखने को मिल सकती है।



