
भारत के युवा बैडमिंटन खिलाड़ी Ayush Shetty ने बैडमिंटन एशिया चैंपियनशिप 2026 में इतिहास रच दिया है। उन्होंने सेमीफाइनल में दुनिया के नंबर-1 खिलाड़ी Kunlavut Vitidsarn को हराकर फाइनल में जगह बना ली। इस शानदार जीत के साथ आयुष ने न सिर्फ अपने करियर की सबसे बड़ी उपलब्धि हासिल की, बल्कि भारत के लिए कम से कम सिल्वर मेडल भी पक्का कर दिया है।
चीन के निंगबो में खेले गए इस मुकाबले में आयुष शेट्टी ने जबरदस्त वापसी का प्रदर्शन किया। उन्होंने पहला गेम 10-21 से गंवा दिया था, लेकिन इसके बाद शानदार खेल दिखाते हुए लगातार दो गेम 21-19 और 21-17 से जीत लिए। इस तरह उन्होंने मुकाबला 2-1 से अपने नाम कर लिया।
महज 20 साल के आयुष शेट्टी का यह सफर पूरे टूर्नामेंट में बेहद शानदार रहा है। उन्होंने क्वार्टरफाइनल में वर्ल्ड नंबर-4 जोनाथन क्रिस्टी को हराकर भारत के लिए पहला मेडल सुनिश्चित किया था, जिससे उनकी फॉर्म का अंदाजा लगाया जा सकता है।
इतना ही नहीं, इस टूर्नामेंट में उन्होंने कई बड़े उलटफेर किए हैं। शुरुआती राउंड में उन्होंने वर्ल्ड नंबर-7 खिलाड़ी को हराया, फिर क्वार्टरफाइनल में टॉप खिलाड़ी को मात दी और अब सेमीफाइनल में दुनिया के नंबर-1 को हराकर फाइनल में पहुंच गए। यह प्रदर्शन दिखाता है कि आयुष अब सिर्फ उभरते खिलाड़ी नहीं, बल्कि बड़े मंच पर दबदबा बनाने वाले खिलाड़ी बन चुके हैं।
विशेषज्ञों के अनुसार, आयुष शेट्टी की यह उपलब्धि भारतीय बैडमिंटन के लिए बेहद महत्वपूर्ण है। पिछले कई वर्षों में पुरुष सिंगल्स में भारत को बड़ी सफलता कम मिली थी, ऐसे में उनका फाइनल में पहुंचना एक नई उम्मीद लेकर आया है। वह इस टूर्नामेंट के फाइनल में पहुंचने वाले चुनिंदा भारतीय खिलाड़ियों में शामिल हो गए हैं।
अब सभी की नजरें फाइनल मुकाबले पर टिकी हैं, जहां आयुष के पास इतिहास रचने और गोल्ड मेडल जीतने का सुनहरा मौका होगा। अगर वह यह मुकाबला जीतते हैं, तो यह भारतीय बैडमिंटन के लिए एक ऐतिहासिक पल साबित हो सकता है।



