
बांग्लादेश: पत्रकार सुशांत दास गुप्ता के घर पर हिंसक हमला; परिवार को भागना पड़ा
बांग्लादेश के हैबिगंज जिले में हिन्दू पत्रकार और मानवाधिकार कार्यकर्ता सुशांत दास गुप्ता ने आरोप लगाया है कि उनके घर पर हमला हुआ, जिसमें भीड़ ने उनकी संपत्ति को नुकसान पहुँचाया और उन्हें व उनके परिवार को सुरक्षा के लिए घर से भागना पड़ा। उन्होंने स्पष्ट रूप से कहा कि यह हमला उनके आलोचनात्मक मीडिया काम और यूनुस सरकार की आलोचना के कारण हुआ है, और उन्होंने इस हिंसा के लिए बांग्लादेश की अंतरिम सरकार (मुखिया मोहम्मद यूनुस) को जिम्मेदार बताया है।
कुछ रिपोर्टों के अनुसार यह हमला उस राजनीतिक हिंसा और अस्थिरता की लहर का हिस्सा है जो हाल ही में देश में सांप्रदायिक और राजनीतिक तनाव के बीच फैल रही है। हिंसा ऐसे समय बढ़ी है जब देश में दूसरी घटनाओं — जैसे उस्मान हादी की मौत और उसके बाद भड़की भीड़ की हिंसा — के बाद राजनीतिक माहौल तनावपूर्ण है। इस तनाव के बीच अपघटित घटनाओं की एक श्रृंखला सामने आ रही है, जिसमें राजनैतिक नेताओं पर हमले, गृह मंत्री द्वारा बयान बदलना और विरोध प्रदर्शन शामिल हैं।
इस हमले ने पत्रकारों और मीडिया कर्मियों की सुरक्षा और प्रेस स्वतंत्रता के मुद्दों पर भी चिंता बढ़ा दी है, क्योंकि ऐसे कई मामले पिछले वर्षों में निरंतर दर्ज किए गए हैं — साल 2025 में किसी रिपोर्ट के अनुसार पत्रकारों के खिलाफ सैकड़ों हमले और उत्पीड़न के मामले सामने आए हैं, जो देश में कानून-व्यवस्था पर प्रश्न उठाते हैं।
आलोचना और हिंसा के बढ़ते दौर के बीच विपक्षी नेताओं, छात्रों और पत्रकारों ने मीडिया की आज़ादी और सुरक्षा की गुहार लगाई है, साथ ही अंतरराष्ट्रीय समुदाय से भी निष्पक्ष और सुरक्षित माहौल सुनिश्चित करने की अपील की है।



