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बजट 2026-27: विकास, निवेश और आम लोगों को राहत

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आज (1 फरवरी 2026) भारत सरकार ने संसद में सामान्य बजट 2026–27 पेश कर दिया, जिसे वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने अपनी लगभग डेढ़ घंटे लंबी भाषण में विस्तार से घोषित किया। यह उनका लगातार नौवां बजट और स्वतंत्र भारत के इतिहास में पहली बार रविवार को पेश किया गया बजट है, जो कई योजना-गत घोषणाओं और रणनीतिक सुधारों से भरा रहा।

भाषण में वित्त मंत्री ने स्पष्ट किया कि यह बजट तीन मुख्य “कर्तव्यों” (kartavyas) पर आधारित है: आर्थिक विकास को तेज़ और सतत बनाना, नागरिकों की आकांक्षाओं को पूरा करना और सभी समुदायों तथा क्षेत्रों को संसाधनों और अवसरों से जोड़ना।

सबसे बड़ा फ़ोकस बुनियादी ढांचे (infrastructure) पर रहा। सरकार ने पूंजीगत ख़र्च (capital expenditure) को बढ़ाकर ₹12.2 लाख करोड़ रूपये करने का प्रस्ताव रखा है, जिससे सड़कों, पुलों, शहरों और कनेक्टिविटी प्रोजेक्टों में तेज़ी आएगी।

रेल और परिवहन क्षेत्र में भी बड़े लक्ष्यों का ऐलान हुआ है। सात हाई-स्पीड रेल कॉरीडोरों की योजना घोषित की गयी है, जिनमें मुम्बई-पुणे, हैदराबाद-बेंगलुरु, दिल्ली-वाराणसी जैसी प्रमुख दिशा शामिल हैं।

आयकर को लेकर कई सुधार ध्यान में आए। नई Income Tax Act को 1 अप्रैल से लागू करने का प्रस्ताव रखा गया है ताकि टैक्स संरचना और अधिक सरल और व्यवहारिक हो सके; साथ ही दुर्घटना पीड़ितों के लिए टैक्स राहत जैसी सामाजिक राहतों की घोषणा भी की गयी।

उद्योगों और तकनीकी दक्षता को बढ़ावा देने के लिए बजट में Rare Earth Corridors, semiconductor मिशन 2.0, और Mega Textile Parks जैसे बड़े निवेश योजनाओं पर जोर रहा। इन पहलों का लक्ष्य भारत को उच्च तकनीक विनिर्माण और वैश्विक आपूर्ति ज़ंजीरों में मजबूती देने का है।

स्वास्थ्य और औषधि क्षेत्र को उभारने के लिए BioPharma Shakti कार्यक्रम की घोषणा की गई है, जिसमें अगले पांच वर्षों में ₹10,000 करोड़ रुपये का निवेश शामिल होगा और यह भारत को वैश्विक जैव-फार्मा हब बनाने का लक्ष्य रखता है।

सामान्य जीवन पर असर डालने वाले फैसलों में कैंसर जैसी 17 दवाइयों की कीमतों में कमी, सस्ती इलेक्ट्रिक कारों तथा इलेक्ट्रिक वाहन (EV) इन्फ्रास्ट्रक्चर के विस्तार के प्रयास शामिल हैं, जो आम लोगों को प्रत्यक्ष राहत और विकल्प प्रदान करेंगे।

रक्षा बजट में भी वृद्धि की घोषणा की गई है, जिसमें लगभग ₹7.8 लाख करोड़ रुपये का प्रावधान है, जिससे सुरक्षा तैयारियों के साथ ही रक्षा विनिर्माण और निर्यात क्षमता को बढ़ावा मिलेगा।

कुल मिलाकर, Union Budget 2026–27 ने विकास, रोजगार, निवेश और वैश्विक प्रतिस्पर्धा को संतुलित करते हुए एक व्यापक आर्थिक रोडमैप पेश किया है, जो अगले वित्तीय वर्ष में अर्थव्यवस्था की दिशा तय करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।

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