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‘राष्ट्रवाद का जश्न मनाने का ट्रेंड बन गया है’

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बॉलीवुड में इन दिनों फिल्म ‘धुरंधर 2’ को लेकर जबरदस्त चर्चा और विवाद देखने को मिल रहा है, और इसी बीच अभिनेत्री Dia Mirza ने एक ऐसा बयान दिया है जिसने पूरे फिल्म जगत में नई बहस छेड़ दी है। हाल ही में एक इंटरव्यू में उन्होंने कहा कि आज के दौर में फिल्मों में राष्ट्रवाद (जिंगोइज़्म) को बढ़ावा देने और उसका जश्न मनाने का एक ट्रेंड सा बन गया है। उनका यह बयान तब सामने आया जब उनकी वेब सीरीज ‘IC 814: द कंधार हाईजैक’ की तुलना ‘धुरंधर 2’ से की जा रही थी। Dhurandhar: The Revenge जहां एक ओर बॉक्स ऑफिस पर रिकॉर्ड तोड़ कमाई कर रही है और दर्शकों के बीच देशभक्ति के जोश को लेकर सराही जा रही है, वहीं दूसरी तरफ इसे लेकर प्रोपेगेंडा और अतिराष्ट्रवाद के आरोप भी लगाए जा रहे हैं।

दीया मिर्जा ने इस तुलना पर खुलकर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि उनकी सीरीज को इसलिए आलोचना झेलनी पड़ी क्योंकि उसमें हर किरदार—यहां तक कि आतंकवादियों—को भी इंसानी नजरिए से दिखाया गया था। उनके मुताबिक, आज के समय में दर्शक और समाज एकतरफा राष्ट्रवादी भावनाओं को ज्यादा पसंद कर रहे हैं, जबकि संतुलित और जटिल कहानियों को उतनी स्वीकृति नहीं मिलती। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि उन्हें अपने काम पर कोई पछतावा नहीं है और उनका मानना है कि सिनेमा का उद्देश्य सिर्फ भावनाएं भड़काना नहीं बल्कि हर पक्ष को समझने का अवसर देना होना चाहिए।

उन्होंने आगे यह भी कहा कि कलाकारों को अपने विचार खुलकर रखने चाहिए, भले ही इसके लिए उन्हें ट्रोलिंग या धमकियों का सामना क्यों न करना पड़े। दीया ने यह स्वीकार किया कि जब भी कोई कलाकार मुख्यधारा की सोच के खिलाफ जाता है, तो उसे आलोचना और दबाव झेलना पड़ता है, लेकिन इसके बावजूद सच बोलना जरूरी है।

गौरतलब है कि Dhurandhar फ्रेंचाइज़ पहले से ही अपने विषय और प्रस्तुति को लेकर चर्चा में रही है। जहां फिल्म ने बॉक्स ऑफिस पर बड़ी सफलता हासिल की, वहीं कई समीक्षकों ने इसे राष्ट्रवादी प्रोपेगेंडा बताकर आलोचना भी की है।

इस पूरे विवाद ने एक बार फिर बॉलीवुड में कंटेंट की दिशा, दर्शकों की पसंद और सिनेमा की जिम्मेदारी पर सवाल खड़े कर दिए हैं। एक तरफ जहां देशभक्ति से भरपूर फिल्मों की लोकप्रियता बढ़ रही है, वहीं दूसरी ओर कुछ कलाकार संतुलित और मानवीय दृष्टिकोण को जरूरी बता रहे हैं। दीया मिर्जा का यह बयान इसी बहस को और तेज कर रहा है, जो आने वाले समय में फिल्म इंडस्ट्री के रुख को प्रभावित कर सकता है।

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