
पश्चिम बंगाल के कुर्सेओंग से मां और उसके बच्चे के बीच प्यार की एक ऐसी कहानी सामने आई है, जिसने लोगों का दिल जीत लिया है। रेस्क्यू ऑपरेशन के दौरान अपनी मां से बिछड़ा हाथी का बच्चा करीब सात घंटे तक उससे अलग रहा। वन विभाग की टीम ने हार नहीं मानी और लगातार कोशिशों के बाद आखिरकार दोनों को फिर से मिलाने में सफलता हासिल की। इस भावुक पल का वीडियो सोशल मीडिया पर लोगों का ध्यान खींच रहा है।
जानकारी के मुताबिक, हथिनी और उसका बच्चा एक पानी की टंकी में गिर गए थे। सूचना मिलने के बाद वन विभाग के कर्मचारियों ने रेस्क्यू अभियान चलाया और दोनों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया। हालांकि, बचाव कार्य के दौरान हाथी का बच्चा अपनी मां से अलग हो गया। इसके बाद टीम के सामने सबसे बड़ी चुनौती दोनों को दोबारा मिलाने की थी।
मां और बच्चे को फिर से साथ लाने के लिए कुर्सेओंग वन प्रभाग के कर्मचारियों ने हथिनी की तलाश शुरू की। टीम ने आसपास के जंगल में उसकी गतिविधियों का पता लगाने की कोशिश की। यह काम आसान नहीं था, क्योंकि हथिनी अपने झुंड के साथ जंगल की ओर जा चुकी थी। इसके बावजूद वनकर्मियों ने प्रयास जारी रखे।
करीब सात घंटे की मशक्कत के बाद टीम की कोशिश सफल हुई। हथिनी अपने झुंड के साथ वापस उस जगह पहुंची, जहां उसका बच्चा मौजूद था। इस तरह लंबे इंतजार के बाद मां और बच्चे का मिलन हो सका। वन विभाग की इस कोशिश ने वन्यजीवों के बचाव में धैर्य और सावधानी की अहमियत को भी सामने रखा।
भारतीय वन सेवा के अधिकारी परवीन कासवान ने इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर साझा किया। वीडियो में वनकर्मी हाथी के बच्चे को सावधानी से जंगल की ओर छोड़ते दिखाई देते हैं। बच्चा धीरे-धीरे आगे बढ़ता है, तभी घने पेड़ों के बीच से एक बड़ा हाथी नजर आता है। कुछ पल के लिए वह पीछे हटता है, लेकिन फिर झुंड के साथ वापस लौट आता है।
इसके बाद हथिनी अपने बच्चे के पास पहुंचती है और उसे अपने साथ ले जाती है। वीडियो का यह हिस्सा सबसे भावुक करने वाला है, क्योंकि घंटों की जुदाई के बाद दोनों फिर एक साथ दिखाई देते हैं। इस दृश्य ने लोगों को मां और बच्चे के बीच के गहरे रिश्ते की याद दिला दी।
परवीन कासवान ने वीडियो साझा करते हुए वन विभाग की टीम के प्रयासों की सराहना की। उन्होंने बताया कि हथिनी और उसका बच्चा पानी की टंकी में गिर गए थे और दोनों को बचाने के बाद बच्चा मां से अलग हो गया था। टीम ने लगभग सात घंटे तक प्रयास करके दोनों को फिर से मिलाया।
वीडियो सामने आने के बाद सोशल मीडिया यूजर्स वन विभाग के कर्मचारियों की तारीफ कर रहे हैं। लोगों ने इस सफल रेस्क्यू को सराहनीय बताया और मां-बच्चे के मिलन को दिल छू लेने वाला पल कहा। इस घटना ने यह भी दिखाया कि वन्यजीवों के बचाव में जानवरों को सुरक्षित निकालने के साथ-साथ उन्हें उनके परिवार और प्राकृतिक वातावरण से दोबारा जोड़ना भी कितना महत्वपूर्ण है।



