
देशभर में मानसून अब पूरी तरह सक्रिय होता दिखाई दे रहा है। भारतीय मौसम विभाग (IMD) ने 22 राज्यों में बारिश को लेकर अलर्ट जारी किया है। दिल्ली, उत्तर प्रदेश, बिहार, राजस्थान, हरियाणा, पंजाब, मध्य प्रदेश, झारखंड और उत्तराखंड समेत कई राज्यों में अगले कुछ दिनों तक तेज बारिश, आंधी और गरज-चमक के साथ मौसम खराब रहने की संभावना जताई गई है। मौसम विभाग के अनुसार बंगाल की खाड़ी और अरब सागर से लगातार नमी मिलने के कारण मानसूनी गतिविधियां तेज हो गई हैं, जिससे उत्तर, पूर्व और मध्य भारत के बड़े हिस्से में व्यापक वर्षा देखने को मिल सकती है।
राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में भीषण गर्मी और उमस से परेशान लोगों को राहत मिलने के संकेत मिले हैं। मौसम विभाग ने राजधानी में कई इलाकों में मध्यम से भारी बारिश, तेज हवाएं और गरज के साथ बौछारें पड़ने की संभावना जताई है। बारिश के कारण तापमान में गिरावट आएगी और पिछले कई दिनों से महसूस की जा रही गर्मी से लोगों को राहत मिल सकती है। हालांकि विभाग ने निचले इलाकों में जलभराव और ट्रैफिक प्रभावित होने की आशंका भी जताई है।
उत्तर प्रदेश में मानसून की सक्रियता लगातार बढ़ रही है। पूर्वांचल से लेकर पश्चिमी उत्तर प्रदेश तक अनेक जिलों में भारी बारिश की संभावना व्यक्त की गई है। लखनऊ, वाराणसी, गोरखपुर, प्रयागराज, कानपुर, बरेली और आसपास के क्षेत्रों में गरज-चमक के साथ तेज बारिश हो सकती है। प्रशासन को सतर्क रहने और नदियों के जलस्तर पर नजर रखने की सलाह दी गई है। ग्रामीण इलाकों में किसानों के लिए यह बारिश फायदेमंद मानी जा रही है, क्योंकि इससे खरीफ फसलों की बुवाई को गति मिलेगी।
बिहार में भी मौसम विभाग ने कई जिलों के लिए भारी वर्षा का अलर्ट जारी किया है। राज्य के उत्तरी और पूर्वी हिस्सों में तेज बारिश के साथ बिजली गिरने की घटनाओं की आशंका जताई गई है। अधिकारियों ने लोगों से खराब मौसम के दौरान खुले मैदानों और पेड़ों के नीचे शरण लेने से बचने की अपील की है। गंगा और उसकी सहायक नदियों के जलस्तर पर भी लगातार निगरानी रखी जा रही है।
राजस्थान में जहां कुछ दिन पहले तक भीषण गर्मी और लू का असर था, वहीं अब मानसून की दस्तक के साथ मौसम का मिजाज बदल गया है। जयपुर, कोटा, उदयपुर, भरतपुर और अजमेर सहित कई जिलों में बारिश की संभावना है। दक्षिणी और पूर्वी राजस्थान में कुछ स्थानों पर भारी बारिश हो सकती है, जिससे तापमान में उल्लेखनीय गिरावट आने की उम्मीद है। वहीं हरियाणा और पंजाब में भी मानसूनी बादलों के सक्रिय होने से बारिश का दौर शुरू हो सकता है।
मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार मानसून की रेखा सामान्य स्थिति से आगे बढ़ रही है और आने वाले दिनों में देश के और अधिक हिस्सों को कवर कर सकती है। इसके चलते मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, झारखंड और पश्चिम बंगाल में भी अच्छी बारिश होने के आसार हैं। पहाड़ी राज्यों उत्तराखंड और हिमाचल प्रदेश में भारी वर्षा के कारण भूस्खलन और अचानक बाढ़ जैसी स्थितियां पैदा हो सकती हैं, इसलिए स्थानीय प्रशासन को विशेष सतर्कता बरतने के निर्देश दिए गए हैं।
विशेषज्ञों का कहना है कि मानसून की यह सक्रियता कृषि क्षेत्र के लिए सकारात्मक संकेत है, लेकिन शहरी क्षेत्रों में जलभराव, यातायात बाधित होने और बिजली आपूर्ति प्रभावित होने जैसी चुनौतियां भी सामने आ सकती हैं। मौसम विभाग ने लोगों को सलाह दी है कि वे मौसम संबंधी ताजा अपडेट पर नजर रखें, अनावश्यक यात्रा से बचें और खराब मौसम के दौरान सुरक्षा निर्देशों का पालन करें।
कुल मिलाकर, देश के अधिकांश हिस्सों में अब मानसून पूरी ताकत के साथ आगे बढ़ रहा है। अगले कुछ दिनों में कई राज्यों में तेज बारिश का सिलसिला जारी रह सकता है, जिससे जहां एक ओर गर्मी से राहत मिलेगी, वहीं दूसरी ओर प्रशासन और नागरिकों को मौसम से जुड़ी चुनौतियों के लिए तैयार रहना होगा।



