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ईरान का बड़ा पलटवार: सऊदी एयरबेस पर हमला

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मध्य पूर्व में जारी भीषण युद्ध के बीच ईरान ने अमेरिका को बड़ा झटका देते हुए सऊदी अरब स्थित अमेरिकी एयरबेस पर जोरदार हमला किया है। ताजा रिपोर्ट्स के मुताबिक ईरान ने मिसाइल और ड्रोन के जरिए सऊदी अरब के प्रिंस सुल्तान एयरबेस को निशाना बनाया, जहां अमेरिकी सेना के कई महत्वपूर्ण सैन्य संसाधन तैनात थे। इस हमले में अमेरिका का बेहद अहम E-3 Sentry AWACS विमान गंभीर रूप से क्षतिग्रस्त या नष्ट हो गया, जिसे आधुनिक युद्ध में “आंख और दिमाग” माना जाता है।

बताया जा रहा है कि ईरान ने इस हमले में कई बैलिस्टिक मिसाइल और दर्जनों ड्रोन का इस्तेमाल किया, जिससे एयरबेस को भारी नुकसान पहुंचा। शुरुआती रिपोर्ट्स के अनुसार, इस हमले में 10 से अधिक अमेरिकी सैनिक घायल हुए हैं, जिनमें कुछ की हालत गंभीर बताई जा रही है। इसके अलावा कई रिफ्यूलिंग विमान भी क्षतिग्रस्त हुए हैं, जिससे अमेरिकी वायु अभियान की क्षमता पर असर पड़ सकता है।

E-3 Sentry विमान की बात करें तो यह एक अत्याधुनिक एयरबोर्न वार्निंग एंड कंट्रोल सिस्टम (AWACS) है, जो दुश्मन की गतिविधियों को सैकड़ों किलोमीटर दूर से ट्रैक कर सकता है और युद्ध के दौरान पूरे ऑपरेशन को नियंत्रित करने में मदद करता है। ऐसे में इस विमान का नष्ट होना अमेरिका के लिए रणनीतिक रूप से बड़ा नुकसान माना जा रहा है, क्योंकि इससे उसकी निगरानी और समन्वय क्षमता कमजोर पड़ सकती है।

यह हमला ऐसे समय पर हुआ है जब अमेरिका और इजराइल पहले से ही ईरान पर लगातार हवाई हमले कर रहे हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि ईरान का यह कदम सीधे तौर पर जवाबी कार्रवाई है और यह संकेत देता है कि वह अब संघर्ष को और तेज करने के मूड में है। पिछले एक महीने में यह पहली बार नहीं है जब ईरान ने अमेरिकी ठिकानों को निशाना बनाया हो, लेकिन इस बार नुकसान का स्तर कहीं ज्यादा गंभीर बताया जा रहा है।

इस घटना के बाद पूरे क्षेत्र में तनाव और बढ़ गया है। अमेरिका की ओर से अभी तक इस हमले पर आधिकारिक प्रतिक्रिया सीमित रही है, लेकिन सैन्य स्तर पर जवाबी कार्रवाई की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता। वहीं ईरान ने स्पष्ट कर दिया है कि अगर उस पर हमले जारी रहे, तो वह और भी कड़े कदम उठा सकता है।

विशेषज्ञों के अनुसार, यह हमला केवल एक सैन्य कार्रवाई नहीं बल्कि शक्ति प्रदर्शन भी है, जिससे ईरान यह दिखाना चाहता है कि वह अमेरिकी सैन्य ठिकानों तक सीधे पहुंच सकता है। इस घटना के बाद वैश्विक स्तर पर भी चिंता बढ़ गई है, खासकर तेल आपूर्ति और अंतरराष्ट्रीय व्यापार मार्गों को लेकर, क्योंकि सऊदी अरब और खाड़ी क्षेत्र दुनिया के ऊर्जा बाजार के लिए बेहद महत्वपूर्ण हैं।

कुल मिलाकर, सऊदी अरब में अमेरिकी एयरबेस पर ईरान का यह हमला मध्य पूर्व युद्ध को और खतरनाक मोड़ पर ले गया है। अब यह देखना बेहद अहम होगा कि क्या यह टकराव सीमित रहता है या फिर आने वाले दिनों में यह एक बड़े क्षेत्रीय युद्ध का रूप ले लेता है।

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