Advertisement
लाइव अपडेटविश्व
Trending

ईरान के व्यापक विरोध प्रदर्शन के बीच ट्रंप की कड़ी चेतावनी

Advertisement
Advertisement

तहलका खड़ा कर देने वाली वैश्विक खबरों के बीच ईरान में व्यापक विरोध प्रदर्शन जारी हैं, और संयुक्त राज्य अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने तेहरान को कड़ी चेतावनी दी है कि यदि सुरक्षा बलों द्वारा प्रदर्शनकारियों पर हिंसा जारी रहती है तो गंभीर परिणाम भुगतने होंगे। ट्रंप ने न केवल ईरान के शासन को इस हिंसा को रोकने का निर्देश दिया है बल्कि प्रदर्शनकारियों को भी “आगे बढ़ते रहने” और “संसाधनों को कब्ज़ा करने” की बात कहते हुए आश्वासन दिया है कि उनकी मदद “आने वाली है।”

विरोध शुरू में देश के आर्थिक संकट, मुद्रास्फीति और जीवन यापन की मुश्किलों के खिलाफ था, लेकिन अब यह व्यापक स्तर पर शासन के प्रति नाराजगी में बदल गया है। रिपोर्टों के मुताबिक, पिछले कुछ हफ्तों में हजारों प्रदर्शनकारियों की हत्या हो चुकी है और हजारों लोग गिरफ्तार किए गए हैं, जबकि इंटरनेट ब्लैकआउट और संचार प्रतिबंध सरकार की प्रतिक्रिया का हिस्सा बने हुए हैं।

ट्रंप ने सोशल मीडिया पोस्ट और सार्वजनिक भाषणों के माध्यम से ईरानी नागरिकों को संबोधित करते हुए कहा कि “ये हिंसक कदम अगर रुके नहीं तो तेहरान को भारी कीमत चुकानी पड़ेगी।” उन्होंने ईरानी अधिकारियों के साथ होने वाली सभी बैठकों को रद्द कर दिया है जब तक कि निर्दोष प्रदर्शनकारियों की हत्या ना रुके। उनका यह रुख अमेरिका की कूटनीतिक नीति में एक सख्त बदलाव को दर्शाता है, जिसमें संघर्ष की संभावित कूटनीतिक और सैन्य विकल्पों पर भी विचार हो रहा है।

ईरान की राजधानी और अन्य शहरों में विरोध प्रदर्शन लगातार बढ़ रहे हैं और यह देश की 31 प्रांतों तक फैल चुके हैं। ईरानी सरकार का कहना है कि स्थिति “पूर्ण नियंत्रण में है,” लेकिन मानवाधिकार समूहों और अंतरराष्ट्रीय मीडिया के अनुसार मौतों की संख्या कई हज़ार तक पहुंच सकती है। आलोचकों का कहना है कि सरकार की कठोर कार्रवाई और इंटरनेट कटौती ने स्थिति को और जटिल कर दिया है।

इस बीच, रूस सहित अन्य अंतरराष्ट्रीय शक्तियों ने अमेरिका की प्रतिक्रिया पर चिंता जताई है। रूस ने चेतावनी दी है कि अगर अमेरिका ईरान के अंदरूनी मामलों में हस्तक्षेप करता है तो इसके “विनाशकारी परिणाम” हो सकते हैं, जो मध्य पूर्व और वैश्विक सुरक्षा को प्रभावित कर सकते हैं।

ईरान के सर्वोच्च नेता आयातोल्लाह अली खामेनेई ने भी अमेरिका को “धोखेबाज़ कार्रवाइयों” को रोकने और देश के आंतरिक मामलों में हस्तक्षेप न करने की चेतावनी दी है, जिससे दोनों देशों के बीच तनाव और बढ़ गया है।

इस घटनाक्रम से स्पष्ट है कि ईरान में जारी प्रदर्शन केवल एक घरेलू संकट नहीं रह गया है, बल्कि यह अंतरराष्ट्रीय राजनीति, मानवाधिकार, कूटनीति और सामरिक संतुलन जैसे व्यापक मुद्दों में बदल चुका है। ट्रंप की चेतावनी, रूस की प्रतिक्रिया और तेहरान की जिद ने वैश्विक राजनीतिक स्थिति को और भी अस्थिर बना दिया है, जिससे आने वाले दिनों में स्थितियों में और बदलाव संभव हैं।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button
YouTube
LinkedIn
Share