
मध्य पूर्व में जारी तनाव के बीच ईरान ने दावा किया है कि उसने कुवैत, बहरीन और जॉर्डन में स्थित 18 से अधिक अमेरिकी सैन्य ठिकानों को निशाना बनाते हुए मिसाइल और ड्रोन हमले किए हैं। यह कार्रवाई अमेरिका द्वारा ईरान के कई सैन्य ठिकानों पर की गई ताजा एयरस्ट्राइक के जवाब में बताई जा रही है। ईरानी सैन्य अधिकारियों ने चेतावनी दी है कि यदि अमेरिकी हमले जारी रहे तो क्षेत्र में संघर्ष और व्यापक हो सकता है।
ईरान ने साथ ही रणनीतिक रूप से बेहद महत्वपूर्ण Strait of Hormuz को बंद करने का भी ऐलान किया है। ईरानी सैन्य कमान का कहना है कि जलडमरूमध्य से गुजरने वाले किसी भी जहाज को निशाना बनाया जा सकता है। यह मार्ग दुनिया के तेल व्यापार का एक बड़ा हिस्सा संभालता है, इसलिए इस घोषणा ने वैश्विक ऊर्जा बाजारों में चिंता बढ़ा दी है।
हालांकि अमेरिका ने ईरान के कुछ दावों को खारिज किया है। अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) ने कहा कि उसकी किसी युद्धपोत पर हमला नहीं हुआ है और व्यावसायिक जहाज अब भी होर्मुज क्षेत्र से आवाजाही कर रहे हैं। अमेरिकी अधिकारियों का कहना है कि ईरान द्वारा घोषित पूर्ण बंदी का असर जमीनी स्तर पर पूरी तरह दिखाई नहीं दे रहा है।
रिपोर्टों के मुताबिक, हाल के दिनों में अमेरिका और ईरान के बीच लगातार जवाबी सैन्य कार्रवाई हुई है। अमेरिका ने ईरानी सैन्य एवं रडार ठिकानों को निशाना बनाया, जिसके बाद ईरान ने खाड़ी क्षेत्र में अमेरिकी हितों और सैन्य अड्डों पर हमले शुरू किए। बहरीन, कुवैत और जॉर्डन में कई मिसाइलों एवं ड्रोन को इंटरसेप्ट किए जाने की भी खबरें हैं।
विशेषज्ञों का मानना है कि यदि होर्मुज जलडमरूमध्य में यातायात वास्तव में बाधित होता है, तो कच्चे तेल की वैश्विक आपूर्ति प्रभावित हो सकती है और अंतरराष्ट्रीय बाजारों में तेल की कीमतों में तेज उछाल देखने को मिल सकता है। खाड़ी क्षेत्र में बढ़ते सैन्य तनाव ने दुनिया भर के देशों की चिंता बढ़ा दी है।



