
महाराष्ट्र की राजनीति में आज एक चौंकाने वाला राजनीतिक गठजोड़ा देखने को मिला है, जहां भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने स्थानीय निकाय चुनाव में अपनी सत्ता सुनिश्चित करने के लिए असदुद्दीन ओवैसी की पार्टी AIMIM के साथ गठबंधन कर लिया है। इस अप्रत्याशित समझौते ने राज्य के राजनीतिक परिदृश्य को हिला कर रख दिया है, क्योंकि ये दोनों पार्टियाँ आमतौर पर विचारधारा और मतदर्शक आधार में एक-दूसरे से विरोधी मानी जाती हैं।
अकोट नगर पालिका में कुल 35 सदस्यों के चुनाव के परिणामों के बाद BJP को साफ बहुमत नहीं मिला, इसलिए पार्टी ने सहयोग दलों के साथ मिलकर नया समूह — ‘अकोट विकास मंच’ — बनाया जिसमें AIMIM के पांच पार्षद भी शामिल हैं। इससे BJP-AIMIM गठबंधन को ज़रूरी संख्या मिली और सत्ता के समीकरण बदले हैं।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यह स्थानीय निकाय चुनाव के लिहाज़ से एक रणनीतिक कदम है, जिसमें BJP ने सत्ता पाने के लिए विचारधारात्मक विरोध के बावजूद भी AIMIM को साथ लिया है। इससे विपक्षी पार्टियों ने BJP पर ‘राजनीति में किसी भी हद तक जाने’ का आरोप भी लगाया है।
ध्यान देने वाली बात यह है कि इससे पहले BJP ने अंबरनाथ नगर पालिका में कांग्रेस के साथ भी हाथ मिलाया था, जिससे व्यापक राजनीतिक प्रतिक्रियाएँ देखने को मिली हैं।
यह नया गठबंधन स्थानीय राजनीति में सत्ता समीकरण बदलने की दिशा में एक बड़ा कदम माना जा रहा है और विशेषज्ञों के अनुसार इससे 13 जनवरी को होने वाले निकाय चुनावों पर भी असर पड़ सकता है।



