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निरंजन हीरानंदानी की ‘ट्रंप-हिटलर’ टिप्पणी

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मुंबई में 8 जनवरी 2026 को आयोजित ‘मुंबई मंथन 2026’ कार्यक्रम में हीरानंदानी ग्रुप के प्रबंध निदेशक निरंजन हीरानंदानी ने दुनियाभर के राजनीतिक और आर्थिक हालात पर मतभेदपूर्ण विचार व्यक्त किए। इस मंच पर उन्होंने अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की तुलना इतिहास के कुख्यात तानाशाह आदोल्फ हिटलर से करते हुए कहा कि ट्रंप आज विश्व राजनीति में नियंत्रणकारी भूमिका में हैं और विश्व व्यवस्था पर अपनी सत्ता स्थापित करने की कोशिश कर रहे हैं। उन्होंने यह भी कहा कि युद्ध के मैदान में जब कोई “लक्ष्मण क्रॉस” करता है तो उसका परिणाम विनाशकारी होता है, और यह चेतावनी वह आगामी छह महीनों से अगली दीवाली तक की समय सीमा में देखने की संभावना जताते हैं, जिससे वैश्विक राजनीति में भी बड़ा बदलाव हो सकता है।

हीरानंदानी ने कार्यक्रम में आर्थिक और शहरी विकास के चर्चा सत्र में मुंबई के भविष्य की तस्वीर भी पेश की। उन्होंने कहा कि मुंबई का विकास तेजी से हो रहा है और शहर को बेहतर बनाना हमारी प्राथमिकता है। उन्होंने बताया कि मुंबई में पहले के 190 किलोमीटर रेलवे नेटवर्क को बढ़ाकर अगले दो साल में लगभग 300 किलोमीटर से अधिक मेट्रो नेटवर्क पूरा किया जाएगा और कोस्टल रोड परियोजना आगे बढाई जा रही है। इस तरह के इंफ्रास्ट्रक्चर निवेश से मुंबई की कनेक्टिविटी और जीवन स्तर में सुधार संभव होगा।

हीरानंदानी ने यह भी कहा कि भारत में रोजगार का केंद्र अब गांवों से शहरों की ओर शिफ्ट हो रहा है। जहां पहले ग्रामीण इलाकों में रोजगार अधिक था, आज लोग छोटे-छोटे शहरों के बजाय महानगरों की ओर रुख कर रहे हैं। इसके चलते शहरों के विकास की गति भी तेज हुई है। उन्होंने यह भी स्वीकार किया कि मध्यवर्गीय लोग मुंबई के अंदर घर नहीं खरीद पाते, लेकिन बाहर के इलाकों में घर खरीदने की क्षमता आज पहले से कहीं अधिक है। इससे यह संकेत मिलता है कि शहर में जीवन खर्च और घर की कीमतों में वृद्धि की समस्या गंभीर बनी हुई है।

कार्यक्रम में निरंजन हीरानंदानी ने सामाजिक मुद्दों पर भी अपनी राय रखी। उन्होंने कहा कि मुंबई में श्रमिकों की आवश्यकता है और लोगों को क्षेत्रीय पहचान के आधार पर विभाजित नहीं होना चाहिए; बल्कि भारतीय श्रम शक्ति का समुचित उपयोग महत्वपूर्ण है। उनके अनुसार, शिक्षा, स्वास्थ्य और कौशल विकास जैसी नीतियों पर ध्यान केंद्रित होना चाहिए, ताकि युवा वर्ग को बेहतर अवसर मिलें। उन्होंने यह भी उदाहरण देते हुए बताया कि नेपाल में शिक्षा प्राप्त युवाओं को रोजगार नहीं मिलने के कारण सामाजिक असंतोष बढ़ा और वह क्रांति की ओर बढे।

निरंजन हीरानंदानी का यह बयान मुंबई मंथन 2026 जैसे मंच पर निकाय चुनावों, शहरी नीतियों और राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय राजनीति जैसे कई मुद्दों को जोड़कर चर्चा के केंद्र में रहा। कार्यक्रम में अन्य नेताओं और विशेषज्ञों ने भी शहर के विकास, राजनीति एवं सामाजिक मुद्दों पर विस्तृत बहस की, जिससे यह स्पष्ट होता है कि यह कार्यक्रम न केवल स्थानीय नगर निकाय चुनावों का विषय रहा बल्कि व्यापक राष्ट्रीय और विश्व स्तर के मुद्दों पर विचार विमर्श का मंच भी बन गया है।

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