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री-नीट 2026 के लिए अभेद्य सुरक्षा कवच

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देशभर में आयोजित होने वाली NEET UG 2026 री-एग्जाम को लेकर राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (NTA) ने सुरक्षा और पारदर्शिता के अभूतपूर्व इंतजाम किए हैं। पेपर लीक और परीक्षा में गड़बड़ियों से जुड़े पिछले विवादों के बाद इस बार एजेंसी किसी भी तरह की चूक की गुंजाइश नहीं छोड़ना चाहती। इसी कारण परीक्षा केंद्रों पर बहुस्तरीय सुरक्षा व्यवस्था लागू की गई है, जिसमें AI आधारित CCTV निगरानी, बायोमेट्रिक सत्यापन, सिग्नल जैमर, मेटल डिटेक्टर और विशेष निगरानी दलों की तैनाती शामिल है। देशभर के परीक्षा केंद्रों पर परीक्षा से पहले मॉक ड्रिल भी कराई गई ताकि सुरक्षा व्यवस्था की प्रभावशीलता को परखा जा सके।

NTA के अनुसार री-नीट परीक्षा 21 जून को दोपहर 2 बजे से शाम 5:15 बजे तक आयोजित की गई है। अभ्यर्थियों को सुबह 11 बजे से परीक्षा केंद्र में प्रवेश की अनुमति दी गई, जबकि दोपहर 1:30 बजे के बाद किसी भी उम्मीदवार को केंद्र में प्रवेश नहीं दिया जाएगा। एजेंसी ने छात्रों को समय से काफी पहले केंद्र पहुंचने की सलाह दी है क्योंकि प्रवेश से पहले सुरक्षा जांच, दस्तावेज सत्यापन और बायोमेट्रिक प्रक्रिया में अतिरिक्त समय लग सकता है।

इस बार परीक्षा केंद्रों पर AI-संचालित CCTV कैमरे लगाए गए हैं, जिनकी निगरानी केंद्रीय नियंत्रण कक्ष से की जा रही है। परीक्षा समाप्त होने के बाद भी रिकॉर्ड किए गए फुटेज का विश्लेषण किया जाएगा ताकि किसी भी संदिग्ध गतिविधि की पहचान की जा सके। इसके अलावा मोबाइल फोन, ब्लूटूथ डिवाइस या अन्य इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों के इस्तेमाल को रोकने के लिए सभी परीक्षा केंद्रों में सिग्नल जैमर लगाए गए हैं। परीक्षा कक्षों और संवेदनशील क्षेत्रों में चौबीसों घंटे निगरानी रखी जा रही है।

सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत बनाने के लिए प्रश्नपत्रों की ढुलाई और सुरक्षित भंडारण पर भी विशेष ध्यान दिया गया है। कई स्थानों पर प्रश्नपत्रों के परिवहन में भारतीय वायुसेना की सहायता ली गई, जबकि मजबूत सुरक्षा घेरों में उन्हें सुरक्षित रखा गया। पुलिस, अर्धसैनिक बलों, जिला प्रशासन और NTA की संयुक्त टीमें परीक्षा संचालन की निगरानी कर रही हैं।

अभ्यर्थियों को परीक्षा केंद्र पर प्रवेश से पहले बायोमेट्रिक सत्यापन और फेस वेरिफिकेशन की प्रक्रिया से गुजरना होगा। हालांकि यदि किसी उम्मीदवार का बायोमेट्रिक मिलान तकनीकी कारणों से नहीं हो पाता है, तो वैकल्पिक सत्यापन प्रक्रिया के माध्यम से उसे परीक्षा में शामिल होने का अवसर दिया जाएगा। इससे वास्तविक उम्मीदवारों को किसी तकनीकी समस्या के कारण नुकसान नहीं होगा।

NTA ने उम्मीदवारों को केवल निर्धारित दस्तावेज और अनुमत वस्तुएं ही साथ लाने की सलाह दी है। एडमिट कार्ड, वैध पहचान पत्र और आवश्यक प्रमाणपत्रों के अलावा किसी भी इलेक्ट्रॉनिक उपकरण, स्मार्ट घड़ी, कैलकुलेटर या संचार साधन को परीक्षा केंद्र में ले जाने की अनुमति नहीं होगी। एजेंसी ने यह भी चेतावनी दी है कि फर्जी संदेशों, कथित पेपर लीक या धोखाधड़ी से जुड़े दावों पर भरोसा न करें और केवल आधिकारिक माध्यमों से प्राप्त जानकारी को ही सही मानें।

शिक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि इस बार लागू की गई व्यापक सुरक्षा व्यवस्था भविष्य की राष्ट्रीय परीक्षाओं के लिए भी एक मॉडल बन सकती है। NTA का कहना है कि उसका उद्देश्य केवल परीक्षा आयोजित करना नहीं, बल्कि छात्रों का विश्वास बहाल करना और पूरी प्रक्रिया को निष्पक्ष, पारदर्शी तथा विश्वसनीय बनाना है। यही कारण है कि तकनीक और मानव संसाधनों के संयोजन से परीक्षा प्रणाली को पहले की तुलना में कहीं अधिक मजबूत बनाया गया है।

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