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सेशेल्स पहुंचे प्रधानमंत्री मोदी, भव्य स्वागत के बीच तीन दिवसीय दौरे से हिंद महासागर क्षेत्र में मजबूत होंगे रिश्ते

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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी शनिवार को तीन दिवसीय राजकीय यात्रा पर हिंद महासागर क्षेत्र के महत्वपूर्ण द्वीपीय देश सेशेल्स पहुंच गए, जहां उनका पारंपरिक और भव्य स्वागत किया गया। सेशेल्स के राष्ट्रपति पैट्रिक हरमिनी ने स्वयं हवाई अड्डे पर प्रधानमंत्री मोदी की अगवानी की। इस दौरान उन्हें गार्ड ऑफ ऑनर भी प्रदान किया गया और भारतीय समुदाय के लोगों ने गर्मजोशी के साथ उनका स्वागत किया। प्रधानमंत्री मोदी 27 से 29 जून तक चलने वाले इस दौरे के दौरान कई उच्चस्तरीय बैठकों में हिस्सा लेंगे और दोनों देशों के बीच रणनीतिक साझेदारी को नई दिशा देने पर चर्चा करेंगे।

प्रधानमंत्री मोदी की यह यात्रा कई मायनों में महत्वपूर्ण मानी जा रही है। वह सेशेल्स के राष्ट्रीय दिवस के स्वर्ण जयंती समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होंगे। इसके अलावा, वे सेशेल्स की संसद को संबोधित कर सकते हैं और वहां रह रहे भारतीय समुदाय के प्रतिनिधियों से भी मुलाकात करेंगे। भारत और सेशेल्स के बीच समुद्री सुरक्षा, रक्षा सहयोग, ब्लू इकोनॉमी, जलवायु परिवर्तन और क्षेत्रीय स्थिरता जैसे विषय इस यात्रा के प्रमुख एजेंडे में शामिल हैं।

दौरे के पहले दिन प्रधानमंत्री मोदी ने सेशेल्स की राजधानी विक्टोरिया स्थित राष्ट्रीय वनस्पति उद्यान का दौरा किया। यहां उन्होंने राष्ट्रपति पैट्रिक हरमिनी के साथ वृक्षारोपण कार्यक्रम में भाग लिया और ‘एक पेड़ मां के नाम’ अभियान के तहत कोको-डी-मेयर का पौधा लगाया। उन्होंने विशाल एल्डाब्रा कछुओं के संरक्षण केंद्र का भी भ्रमण किया। प्रधानमंत्री ने कहा कि जैव विविधता और पर्यावरण संरक्षण दोनों देशों की साझा प्राथमिकताओं में शामिल हैं और इस दिशा में सहयोग को और मजबूत किया जाएगा।

भारत और सेशेल्स के संबंध लंबे समय से मैत्रीपूर्ण रहे हैं। हिंद महासागर क्षेत्र में सेशेल्स भारत का एक महत्वपूर्ण समुद्री साझेदार माना जाता है। दोनों देशों के बीच रक्षा, तटीय सुरक्षा, समुद्री निगरानी और क्षमता निर्माण के क्षेत्र में सहयोग लगातार बढ़ा है। विशेषज्ञों का मानना है कि प्रधानमंत्री मोदी का यह दौरा हिंद महासागर में भारत की रणनीतिक उपस्थिति को और मजबूत करेगा तथा क्षेत्रीय सुरक्षा ढांचे में नई ऊर्जा का संचार करेगा।

यह यात्रा ऐसे समय में हो रही है जब हिंद महासागर क्षेत्र वैश्विक भू-राजनीति का अहम केंद्र बनता जा रहा है। भारत अपनी ‘पड़ोसी प्रथम’ और ‘सागर’ (Security and Growth for All in the Region) नीति के तहत क्षेत्रीय देशों के साथ संबंधों को और मजबूत करने की दिशा में काम कर रहा है। माना जा रहा है कि प्रधानमंत्री मोदी की यह यात्रा दोनों देशों के बीच आर्थिक, सामरिक और सांस्कृतिक सहयोग को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।

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