
पंजाब के Gurdaspur district के अदियान गांव में भारत-पाकिस्तान सीमा से करीब 1-2 किमी दूरी पर तैनात दो पुलिसकर्मी एएसआई गुरनाम सिंह और होमगार्ड जवान अशोक कुमार की गोली लगने से मौत के मामले ने पूरे राज्य में हलचल मचा दी है। घटना उस बॉर्डर चेक-पोस्ट पर देर रात हुई जब दोनों ड्यूटी पर तैनात थे और सुबह उनके शव संदिग्ध हालात में मिले। शुरुआती जांच में यह स्पष्ट नहीं हो पाया है कि गोली किसने चलाई, जिसके कारण आतंकी साजिश और व्यक्तिगत विवाद दोनों संभावनाओं पर जांच जारी है।
क्या हुआ है मामला?
• गुरदासपुर के डोरांगला थाने के तहत आदियान चौकी पर दोनों पुलिसकर्मी कमरे के अंदर मृत पाए गए, जिनके शरीर पर गोली के निशान मिले हैं। दोनों के सर्विस हथियार मौके पर बरामद किए गए हैं, जिससे आपसी फायरिंग-थ्योरी पर विवाद खड़ा हो गया है। परिवार ने साफ कहा है कि दोनों के बीच किसी तरह का झगड़ा नहीं था और वे सोते समय गोली मार दी गई।
• पंजाब पुलिस ने मोबाइल फोन व हथियारों सहित फॉरेंसिक जांच शुरू कर दी है, ताकि हत्या के कारणों का पता लगाया जा सके। PSP एसएसपी आदित्य शर्मा ने कहा है कि सभी संभावनाओं — गैंगस्टर एंगल, आतंकी साजिश, या अन्य वजहों — पर जांच की जा रही है।
क्या बयान सामने आए हैं?
परिवार ने माना है कि दोनों का गहरा रिश्ता और सहयोग था और किसी झगड़े की संभावना नहीं, इसलिए उन्होंने आपसी फायरिंग की थ्योरी खारिज की है। वहीं पुलिस अधिकारियों ने भी यह पुष्टि नहीं की है कि हत्या किसने की, जिससे मामला रहस्यमयी बना हुआ है।
संदिग्ध एंगल और सुरक्षा पर सवाल:
• सीमा-क्षेत्र में स्थित होना और मृतक पुलिसकर्मियों का ड्यूटी पर होना इस घटना को अधिक संवेदनशील बनाता है।
• कुछ रिपोर्टों में सोशल मीडिया पर आतंकी समूहों द्वारा हत्या की जिम्मेदारी लेने के दावे भी किए जा रहे हैं, हालांकि यह आधिकारिक तौर पर पुलिस द्वारा पुष्टि नहीं किया गया है।
राज्य पुलिस और खुफिया एजेंसियाँ इस गंभीर और रहस्यमयी घटना की गहन जांच में जुटी हैं ताकि वास्तविक कारणों के साथ-साथ दोषियों को सज़ा दी जा सके।



