
भारत और श्रीलंका के बीच कोलंबो में खेले जा रहे दूसरे टेस्ट के चौथे दिन भारतीय कप्तान शुभमन गिल ने अपनी शानदार फील्डिंग से ऐसा कमाल कर दिखाया, जिसने पूरे मैदान पर मौजूद खिलाड़ियों और दर्शकों को हैरान कर दिया। श्रीलंका की दूसरी पारी में जब मेजबान टीम के बल्लेबाज पासिंदु सोरियाबंडारा और कामिंदु मेंडिस भारतीय गेंदबाजों के सामने मजबूत साझेदारी कर भारत पर दबाव बनाने की कोशिश कर रहे थे, तभी गिल ने अपनी जबरदस्त फुर्ती दिखाते हुए एक बेहद मुश्किल कैच लपक लिया। इस कैच ने न केवल कामिंदु मेंडिस की पारी का अंत किया, बल्कि श्रीलंका की मजबूत होती साझेदारी को भी तोड़ दिया।
यह शानदार कैच प्रसिद्ध कृष्णा की गेंद पर आया। कृष्णा ने मेंडिस के खिलाफ शॉर्ट गेंद का इस्तेमाल किया, जिस पर श्रीलंकाई बल्लेबाज ने गेंद को हवा में खेलने की कोशिश की। गेंद स्क्वायर के पीछे की तरफ तेजी से गई और ऐसा लग रहा था कि वह फील्डरों से दूर निकल जाएगी। लेकिन शुभमन गिल ने गेंद की दिशा को तुरंत भांप लिया और उसके पीछे दौड़ लगा दी। भारतीय कप्तान ने अपनी पूरी रफ्तार के साथ गेंद का पीछा किया और फिर लंबी छलांग लगाते हुए हवा में ही गेंद को अपने हाथों में समा लिया। उनका यह प्रयास इतना शानदार था कि मैदान पर मौजूद खिलाड़ी भी कुछ पल के लिए स्तब्ध रह गए।
कामिंदु मेंडिस उस समय श्रीलंका की पारी को संभालने में अहम भूमिका निभा रहे थे। उन्होंने पासिंदु सोरियाबंडारा के साथ मिलकर भारतीय गेंदबाजों पर दबाव कम किया और दोनों के बीच महत्वपूर्ण साझेदारी हुई। मेंडिस ने 55 रन की पारी खेली और श्रीलंका को मुश्किल स्थिति से बाहर निकालने की कोशिश की। ऐसे समय में उनका विकेट भारत के लिए बेहद महत्वपूर्ण था। गिल के इस कैच ने श्रीलंका की लय को झटका दिया और भारतीय टीम को एक अहम सफलता मिली।
कोलंबो टेस्ट में भारतीय टीम पहले ही बेहद मजबूत स्थिति में पहुंच चुकी थी। श्रीलंका अपनी पहली पारी में 290 रन पर ऑलआउट हो गया था, जबकि भारत ने पहली पारी में विशाल बढ़त हासिल की थी। इसके बाद भारतीय टीम ने श्रीलंका को फॉलोऑन खेलने के लिए मजबूर किया। फॉलोऑन के बाद श्रीलंकाई बल्लेबाजों ने दूसरी पारी में पहले से बेहतर प्रदर्शन किया और सोरियाबंडारा तथा मेंडिस की साझेदारी ने भारतीय टीम की जीत को कुछ समय के लिए टालने का काम किया। हालांकि मेंडिस के आउट होने के बाद भारत ने मुकाबले पर दोबारा अपनी पकड़ मजबूत कर ली।
चौथे दिन का खेल खत्म होने तक श्रीलंका ने अपनी दूसरी पारी में 229 रन पर 6 विकेट गंवा दिए थे। टीम भारत से अभी भी पीछे थी और उसके पास केवल 4 विकेट बाकी थे। इस स्थिति में भारतीय टीम पांचवें दिन जल्द से जल्द श्रीलंका की पारी समाप्त कर मैच जीतने की स्थिति में पहुंच गई। दूसरी ओर श्रीलंका के लिए मुकाबला बचाने की चुनौती और बड़ी हो गई थी।
शुभमन गिल के लिए यह कैच कप्तानी के लिहाज से भी बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है। कप्तान के तौर पर केवल बल्लेबाजी में योगदान देना ही पर्याप्त नहीं होता, बल्कि मैदान पर सही फैसले लेने और फील्डिंग में उदाहरण पेश करने की भी जरूरत होती है। गिल ने इस मौके पर अपनी फिटनेस, तेजी और गेंद पर नजर बनाए रखने की क्षमता का शानदार प्रदर्शन किया। उनके इस प्रयास ने दिखाया कि वह मैदान पर आगे रहकर टीम का नेतृत्व करने की कोशिश कर रहे हैं।
इस कैच की खास बात सिर्फ यह नहीं थी कि गिल ने कठिन गेंद को पकड़ लिया, बल्कि उन्होंने पूरे घटनाक्रम को बेहद तेजी से पढ़ा। जैसे ही गेंद बल्ले से निकली, उन्होंने तुरंत पीछे की ओर दौड़ लगाई और गेंद के गिरने से पहले सही स्थान तक पहुंच गए। इसके बाद उन्होंने शरीर को पूरी तरह फैलाकर कैच पूरा किया। ऐसे कैच में जरा सी भी गलती होने पर गेंद हाथ से निकल सकती थी, लेकिन गिल ने दबाव के बावजूद गेंद को सुरक्षित तरीके से अपने हाथों में रखा।
भारतीय टीम के लिए यह सफलता इसलिए भी अहम थी क्योंकि श्रीलंका दूसरी पारी में संघर्ष करने के बावजूद मैच को बचाने की कोशिश कर रहा था। सोरियाबंडारा और मेंडिस की साझेदारी ने कुछ समय के लिए भारतीय गेंदबाजों को परेशान किया था। मेंडिस के विकेट के बाद भारत को एक बार फिर श्रीलंका की निचली बल्लेबाजी पर दबाव बनाने का मौका मिला। अब मुकाबला इस बात पर निर्भर करता है कि श्रीलंका के बचे हुए बल्लेबाज पांचवें दिन कितनी देर तक भारतीय गेंदबाजों का सामना कर पाते हैं।
शुभमन गिल की फील्डिंग का यह प्रदर्शन मौजूदा सीरीज में उनके लिए एक और खास पल बन गया है। इससे पहले भी श्रीलंका के खिलाफ इस सीरीज में उन्होंने कामिंदु मेंडिस का एक बेहद शानदार कैच पकड़ा था। गॉल में खेले गए पहले टेस्ट के दौरान भी गिल ने अतिरिक्त कवर की दिशा में लंबी छलांग लगाकर मेंडिस का कैच लपका था। इस तरह एक ही बल्लेबाज के खिलाफ गिल की शानदार फील्डिंग ने भारतीय टीम को महत्वपूर्ण मौकों पर विकेट दिलाए हैं।
अब भारतीय टीम की नजर कोलंबो टेस्ट के पांचवें और आखिरी दिन पर है। चौथे दिन के अंत तक भारत जीत की मजबूत स्थिति में था और श्रीलंका को मुकाबला बचाने के लिए असाधारण प्रदर्शन करना होगा। अगर भारतीय गेंदबाज शुरुआती सत्र में श्रीलंका के बाकी विकेट निकालने में सफल रहते हैं तो भारत 2-0 से टेस्ट सीरीज अपने नाम कर सकता है। वहीं श्रीलंका के बल्लेबाजों के लिए सबसे बड़ी चुनौती लंबे समय तक क्रीज पर टिककर भारतीय आक्रमण को रोकना होगी।
कुल मिलाकर, शुभमन गिल का यह कैच सिर्फ एक शानदार फील्डिंग प्रयास नहीं था, बल्कि मैच के महत्वपूर्ण मोड़ पर आया ऐसा विकेट था जिसने भारत को दोबारा नियंत्रण में ला दिया। कप्तान गिल ने बल्लेबाजी और कप्तानी के अलावा फील्डिंग में भी अपनी मौजूदगी दर्ज कराई और इस शानदार कैच के जरिए दिखाया कि बड़े मुकाबलों में एक कप्तान का छोटा-सा व्यक्तिगत प्रयास भी पूरी टीम के लिए कितना बड़ा फर्क पैदा कर सकता है



