
फ्लायदुबई की फ्लाइट FZ1073 में हमले का सामना करने वाले भारतीय पायलट कैप्टन स्मित मच्छार की सेहत को लेकर राहत की खबर सामने आई है। भारतीय दूतावास ने बताया है कि स्मित लगातार सुधार कर रहे हैं और उनकी सेहत धीरे-धीरे बेहतर हो रही है। दूतावास उनके परिवार, डॉक्टरों और स्थानीय अधिकारियों के लगातार संपर्क में है।
30 सितंबर को दुबई से तेल अवीव जा रही फ्लाइट के कॉकपिट में ओमानी सह-पायलट हमाम अल-हम्मामी ने कथित तौर पर कैप्टन स्मित मच्छार पर हमला किया था। हमले के दौरान विमान की ऊंचाई तेजी से कम हुई, लेकिन गंभीर रूप से घायल होने के बावजूद स्मित ने कॉकपिट का दरवाजा खोलने में कामयाबी हासिल की, जिसके बाद यात्रियों और चालक दल के सदस्यों ने हमलावर को काबू करने में मदद की।
इस घटना के बाद विमान को सऊदी अरब के तबूक में आपातकालीन लैंडिंग करानी पड़ी। सऊदी अधिकारियों के मुताबिक, कैप्टन और सह-पायलट दोनों को इलाज के लिए अस्पताल ले जाया गया था। स्मित की शुरुआती चिकित्सा तबूक में हुई और इसके बाद उन्हें अबू धाबी ले जाया गया, जहां उनका आगे का इलाज जारी है।
रिपोर्टों के मुताबिक, हमले में स्मित के सिर पर गंभीर चोट लगी थी और उनकी खोपड़ी में ‘डिप्रेस्ड फ्रैक्चर’ हुआ था। इसके अलावा उनके हाथ समेत शरीर के अन्य हिस्सों में भी चोटें आई थीं। तबूक में उनकी तत्काल सर्जरी की गई थी, जिसके बाद उन्हें विशेषज्ञ इलाज के लिए अबू धाबी के सैन्य अस्पताल में स्थानांतरित किया गया।
हमले की गंभीरता का अंदाजा इस बात से भी लगाया जा सकता है कि विमान में मौजूद एक डॉक्टर ने करीब 45 मिनट तक घायल कैप्टन को संभालने की कोशिश की। डॉक्टर ने उनके सिर और हाथ से हो रहे भारी रक्तस्राव को रोकने के लिए कपड़े और बर्फ का इस्तेमाल किया और उन्हें होश में रखने की कोशिश की।
ताजा जानकारी के अनुसार स्मित अब इलाज का जवाब दे रहे हैं और उनकी हालत में लगातार सुधार हो रहा है। रिपोर्टों में यह भी बताया गया है कि वह कुछ कदम चलने लगे हैं और थोड़ा खाना भी शुरू कर चुके हैं। हालांकि उनकी चोटों को देखते हुए उनकी पूरी रिकवरी में समय लग सकता है और डॉक्टर उनकी स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए हैं।
हमले के कारण उनकी आंखों और याददाश्त पर भी असर पड़ने की बात सामने आई है। रिपोर्टों के अनुसार डॉक्टर उनकी दृष्टि और न्यूरोलॉजिकल स्थिति पर विशेष ध्यान दे रहे हैं। स्मित ने कथित तौर पर इस घटना की कुछ यादें स्पष्ट और कुछ हिस्सों को टूटा-फूटा याद रहने की बात कही है।
इस पूरे घटनाक्रम में कैप्टन स्मित मच्छार की भूमिका को बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है। गंभीर रूप से घायल होने के बावजूद उन्होंने विमान को बचाने और यात्रियों तक कॉकपिट की पहुंच सुनिश्चित करने में अहम भूमिका निभाई। उनकी इसी बहादुरी के लिए भारत समेत कई देशों में उनकी सराहना हुई है।
फिलहाल स्मित मच्छार अबू धाबी में विशेषज्ञ डॉक्टरों की निगरानी में उपचार करा रहे हैं। भारतीय दूतावास ने उनकी सेहत को लेकर सकारात्मक अपडेट दिया है और कहा है कि वह उनके परिवार तथा चिकित्सा टीम के संपर्क में बना हुआ है। ऐसे में ताजा जानकारी उनके तेजी से स्वस्थ होने की उम्मीद बढ़ाती है।



