
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के जनता दर्शन में सोमवार को एक बेहद भावुक मामला सामने आया। अयोध्या से अपनी गंभीर रूप से बीमार बहन बबिता को लेकर पहुंचे श्याम सोनकर ने मुख्यमंत्री से उसके इलाज के लिए मदद की गुहार लगाई। परिवार की आर्थिक स्थिति कमजोर होने के कारण लखनऊ में इलाज कराना उनके लिए मुश्किल था। भाई ने जब अपनी बहन की हालत और डॉक्टरों की सलाह के बारे में मुख्यमंत्री को बताया तो योगी आदित्यनाथ ने मामले को तत्काल गंभीरता से लेते हुए अधिकारियों को इलाज की व्यवस्था करने के निर्देश दिए।
श्याम सोनकर ने बताया कि उनकी बहन बबिता पिछले कुछ दिनों से अयोध्या में अस्पताल में भर्ती थीं। उनकी हालत को देखते हुए डॉक्टरों ने बेहतर इलाज के लिए उन्हें लखनऊ रेफर किया था। लेकिन परिवार की आर्थिक स्थिति ऐसी नहीं थी कि वह राजधानी के अस्पताल में महंगा इलाज करा सके। इसी उम्मीद के साथ श्याम अपनी बहन को लेकर मुख्यमंत्री के जनता दर्शन में पहुंचे और मदद की गुहार लगाई।
मुख्यमंत्री ने भाई की बात सुनने के बाद अधिकारियों को तत्काल कार्रवाई के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री आवास से ही एंबुलेंस की व्यवस्था कराई गई और बबिता को गोमती नगर स्थित डॉ. राम मनोहर लोहिया आयुर्विज्ञान संस्थान भेजा गया। अस्पताल पहुंचने के बाद डॉक्टरों ने उनकी जांच शुरू की और इलाज की प्रक्रिया भी तत्काल शुरू कर दी गई।
बहन के अस्पताल में भर्ती होने और इलाज शुरू होने की जानकारी मिलते ही श्याम सोनकर की चिंता कुछ कम हुई। लंबे समय से बहन की बीमारी को लेकर परेशान भाई की आंखों से भावुक होकर आंसू निकल आए। उन्होंने मुख्यमंत्री आवास को फोन कर योगी आदित्यनाथ का आभार जताया। उनके लिए सबसे बड़ी राहत यही थी कि उनकी बहन को समय पर लखनऊ में इलाज मिलना शुरू हो गया।
मुख्यमंत्री ने परिवार को आर्थिक मदद का भरोसा भी दिलाया। अधिकारियों को निर्देश दिए गए कि इलाज से संबंधित जरूरी प्रक्रिया और एस्टीमेट जल्द तैयार कर शासन को उपलब्ध कराया जाए, ताकि पात्र परिवार को समय पर आर्थिक सहायता मिल सके। मुख्यमंत्री ने जनता दर्शन में इलाज के लिए मदद मांगने वाले लोगों को भरोसा दिलाया कि पैसे की कमी के कारण किसी जरूरतमंद मरीज का इलाज रुकने नहीं दिया जाएगा।
जनता दर्शन के दौरान बड़ी संख्या में लोग अपनी अलग-अलग समस्याएं लेकर मुख्यमंत्री से मिलने पहुंचे थे। इनमें गंभीर बीमारियों के इलाज और आर्थिक सहायता की मांग करने वाले लोग भी शामिल थे। योगी आदित्यनाथ ने फरियादियों की समस्याएं सुनीं और संबंधित अधिकारियों को मामलों में तेजी से कार्रवाई करने के निर्देश दिए। इसी दौरान अयोध्या से आए श्याम और उनकी बीमार बहन बबिता का मामला वहां मौजूद लोगों के लिए खास तौर पर भावुक करने वाला बन गया।
यह घटना दिखाती है कि गंभीर बीमारी के समय आर्थिक परेशानी किसी परिवार के लिए कितनी बड़ी चुनौती बन सकती है। श्याम सोनकर अपनी बहन को बेहतर इलाज दिलाने की उम्मीद में अयोध्या से लखनऊ पहुंचे थे। मुख्यमंत्री के निर्देश के बाद तत्काल अस्पताल में भर्ती और इलाज शुरू होने से परिवार को बड़ी राहत मिली है। अब बबिता का आगे का इलाज चिकित्सकों की निगरानी में जारी रहेगा।



