
वैश्विक बाजारों से मिले सकारात्मक संकेतों के बीच बुधवार को भारतीय शेयर बाजार ने मजबूत शुरुआत की। कारोबार शुरू होते ही बीएसई सेंसेक्स 600 से अधिक अंकों की बढ़त के साथ खुला, जबकि एनएसई निफ्टी भी करीब 190 अंकों की तेजी के साथ कारोबार करता दिखाई दिया। शुरुआती कारोबार में निवेशकों का रुझान खरीदारी की ओर रहा, जिससे आईटी, बैंकिंग, ऑटो और वित्तीय क्षेत्र के कई प्रमुख शेयरों में अच्छी तेजी देखने को मिली। बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि अंतरराष्ट्रीय बाजारों में सकारात्मक माहौल और विदेशी निवेशकों की लगातार खरीदारी ने घरेलू बाजार को मजबूती प्रदान की।
विश्लेषकों के अनुसार, अमेरिकी फेडरल रिजर्व की मौद्रिक नीति बैठक से पहले वैश्विक निवेशकों का भरोसा मजबूत बना हुआ है। इसके अलावा कई बड़ी भारतीय कंपनियों के तिमाही नतीजे उम्मीद से बेहतर रहने के कारण भी निवेशकों का उत्साह बढ़ा है। विदेशी संस्थागत निवेशकों (FII) की लगातार निवेश गतिविधियों और घरेलू आर्थिक संकेतकों में सुधार ने भी बाजार की धारणा को सकारात्मक बनाए रखा। हालांकि मध्य पूर्व में बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव और कच्चे तेल की कीमतों में उतार-चढ़ाव पर निवेशकों की नजर बनी हुई है।
कारोबार के शुरुआती घंटों में आईटी सेक्टर सबसे बेहतर प्रदर्शन करने वाले क्षेत्रों में शामिल रहा। प्रमुख आईटी कंपनियों के शेयरों में जोरदार खरीदारी देखने को मिली, जिससे आईटी इंडेक्स में उल्लेखनीय तेजी दर्ज की गई। इसके अलावा बैंकिंग, वित्तीय सेवाएं और कुछ ऑटोमोबाइल कंपनियों के शेयरों में भी मजबूती बनी रही। दूसरी ओर, ऊर्जा और तेल से जुड़े कुछ शेयरों में सीमित उतार-चढ़ाव देखने को मिला क्योंकि अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में फिर से बढ़ोतरी दर्ज की गई है।
बाजार विशेषज्ञों का कहना है कि पिछले कुछ कारोबारी सत्रों में निवेशकों का भरोसा लगातार मजबूत हुआ है। बेहतर कॉर्पोरेट आय, वैश्विक बाजारों से सकारात्मक संकेत और विदेशी निवेशकों की वापसी ने भारतीय शेयर बाजार को नई ऊर्जा दी है। इसके साथ ही घरेलू अर्थव्यवस्था को लेकर सकारात्मक दृष्टिकोण और महंगाई पर नियंत्रण की उम्मीदों ने भी निवेशकों का मनोबल बढ़ाया है। हालांकि विशेषज्ञों ने यह भी सलाह दी है कि निवेशकों को वैश्विक घटनाक्रम, केंद्रीय बैंकों की नीतियों और भू-राजनीतिक परिस्थितियों पर लगातार नजर बनाए रखनी चाहिए क्योंकि इनका असर बाजार की दिशा पर पड़ सकता है।
दलाल स्ट्रीट पर आज के कारोबार में कई बड़ी कंपनियों के शेयर शुरुआती बढ़त के साथ कारोबार करते दिखाई दिए। निवेशकों की दिलचस्पी विशेष रूप से उन कंपनियों में रही जिन्होंने हाल ही में मजबूत वित्तीय नतीजे पेश किए हैं। मिडकैप और स्मॉलकैप शेयरों में भी अच्छी खरीदारी दर्ज की गई, जिससे व्यापक बाजार का रुख सकारात्मक बना रहा। जानकारों का मानना है कि यदि विदेशी निवेश का प्रवाह इसी तरह जारी रहता है और वैश्विक बाजारों से समर्थन मिलता है, तो आने वाले कारोबारी सत्रों में भी भारतीय बाजार मजबूती बनाए रख सकता है।
फिलहाल निवेशकों की नजर अमेरिकी फेडरल रिजर्व के ब्याज दर संबंधी फैसले, वैश्विक आर्थिक संकेतकों, कच्चे तेल की कीमतों और प्रमुख कंपनियों के तिमाही नतीजों पर टिकी हुई है। इन सभी कारकों का असर आने वाले दिनों में भारतीय शेयर बाजार की दिशा तय करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है। बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि यदि अंतरराष्ट्रीय परिस्थितियां अनुकूल बनी रहती हैं और घरेलू आर्थिक संकेतक मजबूत रहते हैं, तो भारतीय शेयर बाजार में आगे भी तेजी का माहौल देखने को मिल सकता है।



