Advertisement
दिल्ली (यूटी)लाइव अपडेट
Trending

सरकार ने डीपफेक और AI-निर्मित सामग्री पर सख्त नियम लागू किए

Advertisement
Advertisement

केंद्र सरकार ने डीपफेक (Deepfake) और एआई (कृत्रिम बुद्धिमत्ता) से बनाई गई सामग्री के प्रसार को रोकने के लिए आईटी नियमों (Information Technology Rules) में बड़े बदलाव किए हैं। इन नए नियमों के तहत अब सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स और इंटरनेट पर AI-जनित वीडियो, फोटो तथा ऑडियो कंटेंट पर सख्त अनुपालन जरूरी होगा।

सरकार ने संशोधित नियमों को सूचना प्रौद्योगिकी (मध्यस्थ दिशानिर्देश एवं डिजिटल मीडिया आचार संहिता) नियम, 2026 के रूप में जारी किया है। इन नियमों के मुख्य बिंदु यह हैं कि AI से बनाई गई सामग्री को स्पष्ट रूप से लेबल करना अनिवार्य होगा ताकि उपयोगकर्ता आसानी से पहचान सके कि यह असली है या कृत्रिम रूप से तैयार की गई है। इसके लिए प्लेटफॉर्म्स को स्थायी मेटाडाटा और लेबलिंग जैसी तकनीकी व्यवस्था करनी होगी।

इसके अलावा, सरकार ने डीपफेक और अन्य भ्रामक AI सामग्री को हटाने का समय भी कम कर दिया है। पहले तक सामग्री हटाने के लिए 36 घंटे का समय दिया जाता था, लेकिन अब किसी सक्षम अधिकारी या अदालत के आदेश मिलने पर यह सामग्री केवल 3 घंटे के भीतर हटानी होगी। इसके साथ ही उपयोगकर्ता शिकायतों का निवारण भी अब तेज़ी से 7 दिनों के भीतर किया जाना होगा।

नई व्यवस्था के तहत ऐसे कंटेंट पर उपयोगकर्ता को यह घोषित करना होगा कि वे AI-जेनरेटेड सामग्री पोस्ट कर रहे हैं और प्लेटफॉर्म को यह भी पुष्टि करनी होगी कि यह घोषणा सही है। अगर सोशल मीडिया कंपनियाँ इन नियमों का पालन नहीं करती हैं और AI-निर्मित या भ्रामक सामग्री को हटाने में असफल रहती हैं, तो उनके लिए कानूनी दायित्व और सुरक्षा (Safe Harbour) खतरे में पड़ सकती है।

सरकार का कहना है कि यह कदम गलत जानकारी, गलत पहचान और धोखाधड़ी फैलाने वाली सामग्री को नियंत्रित करने के लिए जरूरी है, खासकर चुनाव और सार्वजनिक निर्णयों के समय। नए नियम 20 फरवरी 2026 से लागू होंगे।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button
YouTube
LinkedIn
Share