
देश में रेलवे ढांचे को आधुनिक बनाने की दिशा में एक और बड़ा कदम उठाते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अमृत भारत स्टेशन योजना के तहत विकसित किए गए 75 रेलवे स्टेशनों का उद्घाटन किया। इन स्टेशनों का लोकार्पण वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से किया गया। इस दौरान पंजाब के जालंधर कैंट रेलवे स्टेशन से कार्यक्रम की शुरुआत हुई। परियोजना का उद्देश्य यात्रियों को विश्वस्तरीय सुविधाएं उपलब्ध कराना, रेलवे स्टेशनों को स्थानीय संस्कृति और विरासत के अनुरूप विकसित करना तथा देशभर में रेल यात्रा के अनुभव को बेहतर बनाना है।
अमृत भारत स्टेशन योजना के अंतर्गत जिन स्टेशनों का उद्घाटन किया गया है, वे उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश, राजस्थान, गुजरात, पश्चिम बंगाल, पंजाब सहित कई राज्यों में स्थित हैं। प्रत्येक स्टेशन को स्थानीय पहचान और क्षेत्रीय वास्तुकला के अनुरूप नया स्वरूप दिया गया है। कहीं धार्मिक महत्व को ध्यान में रखते हुए डिजाइन तैयार किया गया है तो कहीं ऐतिहासिक विरासत को आधुनिक सुविधाओं के साथ जोड़ा गया है। इस पहल का उद्देश्य केवल भवनों का नवीनीकरण नहीं बल्कि रेलवे स्टेशनों को शहरों की नई पहचान के रूप में विकसित करना भी है।
नवीनीकृत स्टेशनों पर यात्रियों के लिए आधुनिक प्रतीक्षालय, बेहतर टिकटिंग व्यवस्था, दिव्यांगजन अनुकूल सुविधाएं, लिफ्ट, एस्केलेटर, डिजिटल सूचना प्रणाली, स्वच्छ शौचालय, उन्नत प्रकाश व्यवस्था, सीसीटीवी निगरानी, हरित क्षेत्र और बेहतर पार्किंग जैसी सुविधाएं विकसित की गई हैं। इसके साथ ही स्टेशनों पर ऊर्जा दक्ष तकनीकों और पर्यावरण अनुकूल व्यवस्थाओं को भी प्राथमिकता दी गई है, जिससे यात्रियों को सुरक्षित, सुविधाजनक और आधुनिक यात्रा अनुभव मिल सके।
मध्य प्रदेश में इस योजना के तहत 13 रेलवे स्टेशनों का लोकार्पण किया गया, जिनमें सांची, विदिशा, अशोकनगर, शिवपुरी और ब्योहारी जैसे महत्वपूर्ण स्टेशन शामिल हैं। वहीं राजस्थान में जैसलमेर रेलवे स्टेशन को विरासत आधारित आधुनिक स्वरूप दिया गया है, जो स्थानीय स्थापत्य शैली और आधुनिक सुविधाओं का उत्कृष्ट उदाहरण माना जा रहा है। अन्य राज्यों में भी विभिन्न स्टेशनों को क्षेत्रीय आवश्यकताओं के अनुसार विकसित किया गया है ताकि यात्रियों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराई जा सकें।
रेल मंत्रालय का कहना है कि अमृत भारत स्टेशन योजना के तहत देशभर के हजारों रेलवे स्टेशनों का चरणबद्ध तरीके से पुनर्विकास किया जा रहा है। इस योजना के माध्यम से रेलवे स्टेशनों को केवल परिवहन केंद्र नहीं बल्कि आधुनिक सार्वजनिक स्थानों के रूप में विकसित करने का लक्ष्य रखा गया है। स्टेशनों के बाहरी और आंतरिक ढांचे को इस तरह तैयार किया जा रहा है कि वे स्थानीय पर्यटन, व्यापार और आर्थिक गतिविधियों को भी बढ़ावा दें।
विशेषज्ञों का मानना है कि रेलवे स्टेशनों के आधुनिकीकरण से यात्रियों की सुविधा बढ़ने के साथ-साथ स्थानीय अर्थव्यवस्था को भी मजबूती मिलेगी। बेहतर बुनियादी ढांचे से पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा, रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे और आसपास के क्षेत्रों का विकास तेज होगा। आने वाले समय में अमृत भारत स्टेशन योजना भारतीय रेलवे के आधुनिकीकरण अभियान की सबसे महत्वपूर्ण परियोजनाओं में से एक साबित हो सकती है, जिससे देश का रेल नेटवर्क वैश्विक मानकों के और करीब पहुंचने की उम्मीद है।



