Advertisement
लाइव अपडेटविश्व
Trending

ट्रंप से मुलाकात के बाद बोले नेतन्याहू- बातचीत रही बेहद अहम

Advertisement
Advertisement

इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू और अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के बीच व्हाइट हाउस में हुई अहम बैठक ने एक बार फिर मध्य पूर्व की राजनीति को वैश्विक चर्चा के केंद्र में ला दिया है। दोनों नेताओं के बीच गाजा युद्ध, लेबनान की सुरक्षा स्थिति, ईरान से जुड़े मुद्दों और अब्राहम समझौतों (Abraham Accords) के विस्तार सहित कई रणनीतिक विषयों पर विस्तार से चर्चा हुई। बैठक के बाद नेतन्याहू ने इसे “बेहतरीन और बेहद महत्वपूर्ण” बताया तथा कहा कि अमेरिका और इजरायल क्षेत्रीय सुरक्षा और स्थायी शांति के लक्ष्य पर साथ मिलकर काम कर रहे हैं।

हालांकि इस मुलाकात से पहले दोनों नेताओं के बीच कुछ मुद्दों को लेकर तनाव की खबरें भी सामने आई थीं। मीडिया रिपोर्टों के अनुसार राष्ट्रपति ट्रंप इस बात से नाराज बताए गए कि नेतन्याहू ने सार्वजनिक रूप से उन विषयों का उल्लेख कर दिया था जिन पर दोनों नेताओं के बीच निजी बातचीत होनी थी। खासकर ईरान के परमाणु कार्यक्रम और उससे जुड़ी रणनीति को लेकर ट्रंप ने अपनी नाराजगी जाहिर की थी। इसके बावजूद दोनों नेताओं ने मुलाकात के दौरान मतभेदों को पीछे छोड़ते हुए साझा रणनीति पर चर्चा की और बैठक को सकारात्मक बताया।

बैठक में गाजा की स्थिति प्रमुख मुद्दों में शामिल रही। दोनों नेताओं ने युद्ध प्रभावित क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था, मानवीय सहायता, बंधकों की रिहाई और भविष्य की राजनीतिक व्यवस्था पर विचार-विमर्श किया। साथ ही लेबनान सीमा पर जारी तनाव और वहां स्थायी शांति स्थापित करने के प्रयासों पर भी चर्चा हुई। अमेरिका पहले से ही इजरायल और लेबनान के बीच कूटनीतिक प्रयासों में सक्रिय भूमिका निभा रहा है और दोनों देशों के बीच व्यापक समझौते की संभावनाओं पर भी बातचीत जारी है।

बैठक का एक महत्वपूर्ण विषय अब्राहम समझौते का विस्तार भी रहा। ट्रंप प्रशासन चाहता है कि मध्य पूर्व के अधिक से अधिक देश इजरायल के साथ राजनयिक संबंध स्थापित करें और क्षेत्रीय सहयोग को बढ़ावा दें। इस दिशा में सऊदी अरब सहित अन्य देशों की संभावित भूमिका पर भी विचार किया गया। नेतन्याहू ने कहा कि यदि अधिक देश इस पहल में शामिल होते हैं तो इससे क्षेत्र में स्थिरता और आर्थिक सहयोग को नई मजबूती मिलेगी।

ईरान का मुद्दा भी बैठक के केंद्र में रहा। दोनों नेताओं ने दोहराया कि ईरान को परमाणु हथियार हासिल करने से रोकना उनकी साझा प्राथमिकता है। हालांकि इस लक्ष्य को हासिल करने की रणनीति को लेकर दोनों पक्षों के बीच कुछ मतभेद होने की चर्चाएं भी सामने आई हैं। इसके बावजूद बैठक के बाद जारी संकेतों से स्पष्ट हुआ कि अमेरिका और इजरायल सुरक्षा सहयोग को आगे बढ़ाने और क्षेत्रीय चुनौतियों से मिलकर निपटने के लिए प्रतिबद्ध हैं।

विशेषज्ञों का मानना है कि यह मुलाकात केवल द्विपक्षीय संबंधों तक सीमित नहीं है, बल्कि इसका असर पूरे मध्य पूर्व की राजनीति पर पड़ सकता है। गाजा युद्ध, लेबनान की स्थिति, ईरान से बढ़ते तनाव और अरब देशों के साथ संबंधों को लेकर अमेरिका और इजरायल की आगे की रणनीति आने वाले महीनों में क्षेत्रीय समीकरणों को प्रभावित कर सकती है। दोनों देशों के नेताओं ने फिलहाल कूटनीतिक संवाद जारी रखने और साझा सुरक्षा हितों पर मिलकर काम करने की प्रतिबद्धता जताई है।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button
YouTube
LinkedIn
Share