
BRICS Summit 2026: भारत मंडपम में जुटे दिग्गज नेता
नई दिल्ली में भारत की मेजबानी में चल रहे 18वें BRICS शिखर सम्मेलन का आज दूसरा और अहम दिन है। भारत मंडपम में दुनिया के प्रमुख नेताओं की मौजूदगी के बीच वैश्विक सहयोग, बहुपक्षीय व्यवस्था, आर्थिक विकास और अंतरराष्ट्रीय चुनौतियों पर चर्चा का दौर जारी है। सम्मेलन का पहला दिन भारत-चीन संबंधों के लिहाज से भी बेहद महत्वपूर्ण रहा, जब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग के बीच करीब 50 मिनट तक द्विपक्षीय बातचीत हुई।
पहले दिन की सबसे बड़ी कूटनीतिक घटनाओं में मोदी-जिनपिंग मुलाकात रही। सात साल बाद भारत दौरे पर आए शी जिनपिंग के साथ प्रधानमंत्री मोदी ने सीमा पर शांति और स्थिरता को द्विपक्षीय संबंधों की बुनियाद बताया। दोनों नेताओं ने मतभेदों को विवाद में बदलने से रोकने और सीमा विवाद के उचित एवं स्वीकार्य समाधान की दिशा में आगे बढ़ने पर जोर दिया। व्यापार, बाजार पहुंच, आपूर्ति श्रृंखला और दोनों देशों के बीच आर्थिक संबंधों को मजबूत करने पर भी बातचीत हुई।
आज 7 देशों के नेताओं से मिलेंगे पीएम मोदी
BRICS सम्मेलन के दूसरे दिन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की कई महत्वपूर्ण द्विपक्षीय बैठकें प्रस्तावित हैं। रिपोर्टों के मुताबिक मोदी दक्षिण अफ्रीका, कजाकिस्तान, फिलीपींस, मिस्र, बुरुंडी, युगांडा और नाइजीरिया के नेताओं के साथ अलग-अलग मुलाकात करेंगे। इन बैठकों में व्यापार, निवेश, रक्षा, ऊर्जा, विकास सहयोग और वैश्विक मुद्दों पर चर्चा होने की संभावना है।
पहले दिन कई देशों से हुई अहम बातचीत
BRICS समिट के पहले दिन प्रधानमंत्री मोदी ने मलेशिया, इथियोपिया, वियतनाम और UAE समेत कई देशों के नेताओं के साथ द्विपक्षीय वार्ता की। मलेशिया के प्रधानमंत्री अनवर इब्राहिम के साथ व्यापार, निवेश, रक्षा, सेमीकंडक्टर, डिजिटल अर्थव्यवस्था, ऊर्जा और शिक्षा जैसे क्षेत्रों में सहयोग की समीक्षा हुई। दोनों देशों ने अपनी व्यापक रणनीतिक साझेदारी को आगे बढ़ाने की प्रतिबद्धता दोहराई।
इथियोपिया के प्रधानमंत्री अबिय अहमद के साथ बातचीत में आर्थिक सहयोग, रक्षा एवं सुरक्षा साझेदारी और क्षमता निर्माण जैसे मुद्दे प्रमुख रहे। वहीं वियतनाम के प्रधानमंत्री ले मिन्ह हंग के साथ दोनों देशों ने अपनी बढ़ती रणनीतिक साझेदारी को और मजबूत करने पर जोर दिया।
UAE के क्राउन प्रिंस शेख खालिद बिन मोहम्मद बिन जायद के साथ पीएम मोदी की बैठक में रक्षा, स्पेस, परमाणु ऊर्जा, तकनीक और इनोवेशन के अलावा निवेश और IMEC कनेक्टिविटी जैसे मुद्दों पर चर्चा हुई।
BRICS में साझा घोषणापत्र पर बनी सहमति
BRICS देशों के बीच पहले दिन साझा घोषणापत्र को लेकर भी सहमति बनी। रिपोर्टों के मुताबिक इसमें एकतरफा युद्ध और अंतरराष्ट्रीय विवादों के शांतिपूर्ण समाधान जैसे मुद्दों पर जोर दिया गया है। भारत ने अपनी अध्यक्षता के दौरान BRICS को अधिक व्यावहारिक, समावेशी और वैश्विक दक्षिण की आवाज को मजबूत करने वाले मंच के रूप में आगे बढ़ाने पर जोर दिया है।
दुनिया की नजर भारत मंडपम पर
BRICS के दूसरे दिन की बैठकों पर दुनियाभर की नजर है। खासतौर पर भारत-चीन संबंधों में आई नई सक्रियता, रूस के साथ भारत की रणनीतिक साझेदारी और ग्लोबल साउथ से जुड़े मुद्दे सम्मेलन के प्रमुख आकर्षण बने हुए हैं। चीन अगले साल BRICS की अध्यक्षता करेगा, ऐसे में भारत और चीन के बीच संवाद का आगे बढ़ना समूह के भविष्य के एजेंडे के लिए भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
दो दिवसीय शिखर सम्मेलन के समापन के साथ भारत की BRICS अध्यक्षता में तय की गई प्राथमिकताओं और आगे की रणनीति को लेकर तस्वीर और स्पष्ट होने की उम्मीद है। दिल्ली में हो रहा यह सम्मेलन भारत की कूटनीतिक भूमिका और ग्लोबल साउथ में उसकी बढ़ती सक्रियता के लिहाज से भी बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है।



