
भारतीय क्रिकेट टीम के स्टार ऑलराउंडर हार्दिक पंड्या की मैदान पर वापसी की राह एक बार फिर मुश्किल हो गई है। हार्दिक को दाएं पैर की पिंडली में नई चोट लगी है, जिसके कारण उन्हें कम से कम तीन सप्ताह तक प्रतिस्पर्धी क्रिकेट से दूर रहना पड़ सकता है। ताजा चोट के चलते उनका ऑस्ट्रेलिया ए के खिलाफ होने वाली इंडिया ए की वनडे सीरीज में खेलना तय नहीं है, जबकि न्यूजीलैंड के आगामी सफेद गेंद दौरे से भी उनकी वापसी की उम्मीद लगभग खत्म हो गई है।
हार्दिक की वापसी के लिए 20 सितंबर को ‘रिटर्न टू प्ले’ की तारीख तय की गई थी। इसी आधार पर उन्हें 6 अक्टूबर से ऑस्ट्रेलिया ए के खिलाफ शुरू होने वाली वनडे सीरीज के लिए इंडिया ए टीम में चुना गया था। हालांकि फिटनेस हासिल करने से पहले ही स्कैन में दाएं पैर की पिंडली में नई चोट सामने आ गई। बीसीसीआई के मेडिकल पैनल के प्रमुख डॉ. दिनशॉ पारदीवाला ने भी उनकी मेडिकल रिपोर्ट देखी है।
बीसीसीआई से जुड़े एक सूत्र के मुताबिक हार्दिक को फिलहाल दो सप्ताह के पूर्ण आराम की सलाह दी गई है। इसके बाद उनकी स्थिति का दोबारा आकलन किया जाएगा और तभी रिहैबिलिटेशन शुरू करने को लेकर फैसला होगा। इसका मतलब है कि हार्दिक को मैदान पर वापसी से पहले एक और फिटनेस प्रक्रिया से गुजरना पड़ेगा।
हार्दिक पिछले कुछ समय से लगातार फिटनेस संबंधी परेशानियों से जूझ रहे हैं। आईपीएल 2026 के बाद से उन्होंने कोई प्रतिस्पर्धी मुकाबला नहीं खेला है। उन्हें पहले अफगानिस्तान सीरीज, फिर इंग्लैंड टी20 और अब ऑस्ट्रेलिया ए के खिलाफ प्रस्तावित वापसी के दौरान अलग-अलग फिटनेस समस्याओं का सामना करना पड़ा है। इस वजह से उनकी राष्ट्रीय टीम में वापसी लगातार टलती रही है।
ताजा चोट का सीधा असर भारत के न्यूजीलैंड दौरे पर भी पड़ने वाला है। भारत को 22 अक्टूबर से न्यूजीलैंड के खिलाफ पांच टी20 अंतरराष्ट्रीय मैच खेलने हैं, जिसके बाद वनडे मुकाबले भी होने हैं। मौजूदा मेडिकल स्थिति को देखते हुए हार्दिक के इस दौरे तक पूरी तरह फिट होकर प्रतिस्पर्धी क्रिकेट में लौटने की संभावना नहीं है।
हार्दिक की फिटनेस को लेकर भारतीय टीम प्रबंधन पहले से ही सावधानी बरत रहा है। मुख्य कोच गौतम गंभीर ने हाल में कहा था कि हार्दिक को राष्ट्रीय टीम में वापसी से पहले पर्याप्त प्रतिस्पर्धी क्रिकेट खेलने की जरूरत है। साथ ही, वनडे में उनकी गेंदबाजी क्षमता को लेकर भी टीम जल्दबाजी नहीं करना चाहती थी।
वेस्टइंडीज के खिलाफ आगामी घरेलू सीरीज के लिए भी हार्दिक को भारतीय टीम में जगह नहीं मिली है। बीसीसीआई की ओर से घोषित टीम में वह न तो वनडे टीम का हिस्सा हैं और न ही टी20 टीम में उनका नाम है। वनडे टीम में नितीश कुमार रेड्डी को सीम-बॉलिंग ऑलराउंडर के विकल्प के तौर पर शामिल किया गया है।
अब हार्दिक की वापसी के लिए अगला संभावित लक्ष्य जिम्बाब्वे के खिलाफ होने वाली वनडे सीरीज हो सकता है, बशर्ते वह तब तक पूरी तरह फिट हो जाएं। इसके अलावा विजय हजारे ट्रॉफी या सैयद मुश्ताक अली ट्रॉफी में खेलकर भी उनकी मैच फिटनेस को परखा जा सकता है। हालांकि उनकी वापसी की तारीख फिलहाल तय नहीं है और यह पूरी तरह मेडिकल आकलन पर निर्भर करेगी।
हार्दिक भारतीय टीम के प्रमुख ऑलराउंडरों में शामिल हैं और बल्लेबाजी के साथ गेंदबाजी में भी टीम को विकल्प देते हैं। ऐसे में उनकी लगातार चोटें टीम के संयोजन के लिहाज से भी महत्वपूर्ण हैं। फिलहाल उनका ध्यान चोट से पूरी तरह उबरने और सुरक्षित तरीके से प्रतिस्पर्धी क्रिकेट में लौटने पर रहेगा।



