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Weather Update: दिल्ली-NCR समेत 14 राज्यों में बारिश-आंधी का अलर्ट

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देश के कई हिस्सों से मॉनसून की वापसी शुरू हो चुकी है, लेकिन बारिश का दौर अभी थमने वाला नहीं है। मौसम विभाग ने 8 अक्टूबर को दिल्ली-NCR समेत देश के 14 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में बारिश, आंधी, बिजली गिरने और तेज हवाओं की संभावना जताई है। पहाड़ी इलाकों में बारिश के साथ ऊंचाई वाले क्षेत्रों में बर्फबारी का भी असर देखने को मिल सकता है, जबकि मैदानी इलाकों में दिन के समय गर्मी के बावजूद सुबह और रात के तापमान में गिरावट से मौसम बदलता महसूस हो रहा है।

दिल्ली-NCR में 8 अक्टूबर को आसमान में बादल छाए रहने और कुछ इलाकों में हल्की बारिश होने की संभावना है। राजधानी में अधिकतम तापमान करीब 34 डिग्री और न्यूनतम तापमान 22 डिग्री सेल्सियस के आसपास रह सकता है। 9 अक्टूबर को अधिकतम तापमान करीब 32 डिग्री तक आने का अनुमान है। दिल्ली, हरियाणा और चंडीगढ़ में आज गरज-चमक, बिजली और तेज हवाओं को लेकर चेतावनी जारी की गई है।

उत्तर प्रदेश में भी मौसम करवट ले चुका है। पश्चिमी उत्तर प्रदेश में 8 अक्टूबर को गरज-चमक और तेज हवाओं का अलर्ट है, जबकि पूर्वी हिस्से में आज आधिकारिक चेतावनी नहीं है। राज्य के कई इलाकों में स्थानीय स्तर पर बारिश और आंधी की गतिविधियां देखने को मिल सकती हैं। कुछ क्षेत्रों में हवा की रफ्तार 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटा और तेज झोंकों के दौरान 50 किलोमीटर प्रति घंटा तक पहुंचने की संभावना जताई गई है।

उत्तर भारत के पहाड़ी राज्यों में मौसम ज्यादा सक्रिय रहने वाला है। उत्तराखंड में 8 और 9 अक्टूबर को भारी बारिश के साथ गरज-चमक और तेज हवाओं की चेतावनी जारी की गई है। हिमाचल प्रदेश तथा जम्मू-कश्मीर और लद्दाख में भी 8 और 9 अक्टूबर को आंधी-तूफान और बिजली गिरने की संभावना है। ऊंचाई वाले इलाकों में बारिश के साथ बर्फबारी का दौर भी शुरू हो सकता है, जिससे आने वाले दिनों में तापमान में गिरावट देखने को मिल सकती है।

बिहार और झारखंड में भी 8 अक्टूबर को बारिश, आंधी और बिजली गिरने की संभावना है। बिहार में 8 से 10 अक्टूबर के बीच कुछ इलाकों में बारिश का दौर जारी रह सकता है, जबकि झारखंड में तेज हवाओं के साथ गरज-चमक की स्थिति बन सकती है। पश्चिम बंगाल और सिक्किम में भी अगले कुछ दिनों तक बारिश का सिलसिला जारी रहने का अनुमान है और कुछ जगहों पर भारी बारिश हो सकती है।

मौसम में इस बदलाव के पीछे कई मौसमी सिस्टम एक साथ सक्रिय हैं। उत्तर भारत के ऊपर वेस्टर्न डिस्टर्बेंस का असर है, जबकि पाकिस्तान, बंगाल की खाड़ी और बिहार-झारखंड के आसपास अलग-अलग साइक्लोनिक सर्कुलेशन बने हुए हैं। इन सिस्टम के कारण अरब सागर और बंगाल की खाड़ी से नमी कई इलाकों तक पहुंच रही है। इसके अलावा हरियाणा से लेकर गंगा के मैदानी क्षेत्रों और पश्चिम बंगाल तक ट्रफ लाइन का असर भी बारिश के लिए अनुकूल परिस्थितियां बना रहा है।

मध्य भारत की बात करें तो छत्तीसगढ़ और पूर्वी मध्य प्रदेश में 8 और 9 अक्टूबर को कुछ स्थानों पर बारिश हो सकती है। छत्तीसगढ़ में 8 अक्टूबर को तेज हवाओं के साथ आंधी और बिजली गिरने की संभावना है। कुछ इलाकों में हवा की रफ्तार 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटा और झोंकों के दौरान 60 किलोमीटर प्रति घंटा तक पहुंच सकती है। विदर्भ में भी बारिश और आंधी की संभावना है, जबकि महाराष्ट्र के अन्य हिस्सों में मौसम अपेक्षाकृत शुष्क रह सकता है।

दक्षिण भारत में भी बारिश का दौर जारी रहने वाला है। केरल और माहे में 8 से 11 अक्टूबर तक कई स्थानों पर बारिश की संभावना है। तमिलनाडु, पुडुचेरी और कराईकल में 8 से 13 अक्टूबर के बीच बारिश और आंधी का असर रह सकता है। केरल और तमिलनाडु में 8 से 10 अक्टूबर के दौरान कुछ जगहों पर भारी बारिश हो सकती है। तटीय आंध्र प्रदेश और रायलसीमा में भी आंधी, बिजली और तेज हवाओं की संभावना जताई गई है, जबकि कर्नाटक के कई हिस्सों में अगले कुछ दिनों तक बारिश हो सकती है।

पूर्वोत्तर भारत में भी मौसम सक्रिय रहेगा। अरुणाचल प्रदेश में 8 से 10 अक्टूबर, असम और मेघालय में 8 से 11 अक्टूबर तथा नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा में 8 से 13 अक्टूबर के बीच कुछ इलाकों में बारिश होने का अनुमान है। कई स्थानों पर गरज-चमक और बिजली गिरने की भी संभावना बनी हुई है।

राजस्थान में फिलहाल ज्यादातर इलाकों में मौसम गर्म और शुष्क रहने का अनुमान है, लेकिन 11 और 12 अक्टूबर के आसपास पश्चिमी विक्षोभ के प्रभाव से उत्तर-पश्चिमी हिस्सों में बदलाव हो सकता है। कुछ जगहों पर बादल छाने और हल्की बारिश या बूंदाबांदी की संभावना है। इसके बाद तापमान में 2 से 3 डिग्री तक गिरावट आ सकती है और उत्तर-पश्चिमी राजस्थान के कुछ हिस्सों में रात के समय ठंड का असर बढ़ सकता है।

मौसम विभाग के अनुसार बारिश की यह गतिविधियां अगले कुछ दिनों तक अलग-अलग हिस्सों में बनी रह सकती हैं और उत्तर भारत में करीब 12 अक्टूबर तक मौसम में बदलाव देखने को मिल सकता है। मॉनसून की वापसी शुरू होने के बावजूद वेस्टर्न डिस्टर्बेंस, साइक्लोनिक सर्कुलेशन और ट्रफ लाइन जैसे सिस्टम स्थानीय स्तर पर बारिश कराते रहेंगे। ऐसे में लोगों को आंधी और बिजली गिरने के दौरान खुले स्थानों से बचने तथा मौसम विभाग के स्थानीय अलर्ट पर नजर रखने की सलाह दी गई है।

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