
दक्षिण भारत में भारी बारिश का अलर्ट, दिल्ली-हरियाणा में मौसम रहेगा शुष्क
देशभर में मौसम का मिजाज बदल रहा है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने दक्षिण भारत के कई राज्यों में भारी बारिश, गरज-चमक और तेज हवाओं की चेतावनी जारी की है। वहीं, उत्तर भारत के दिल्ली, हरियाणा और हिमाचल प्रदेश समेत कई इलाकों में फिलहाल बड़े पैमाने पर बारिश की संभावना नहीं है। 18 अक्टूबर 2026 के मौसम पूर्वानुमान के अनुसार, आने वाले दिनों में बारिश का मुख्य असर दक्षिणी राज्यों में देखने को मिल सकता है।
कर्नाटक में अगले कुछ दिनों तक बारिश की गतिविधियां जारी रहने का अनुमान है। दक्षिण आंतरिक कर्नाटक में 18 से 23 अक्टूबर के बीच कुछ स्थानों पर भारी बारिश हो सकती है, जबकि तटीय कर्नाटक में 20 से 22 अक्टूबर के दौरान भारी बारिश की संभावना जताई गई है। कुछ इलाकों में गरज-चमक और 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं भी चल सकती हैं।
केरल में भी 18 से 23 अक्टूबर के बीच कई स्थानों पर बारिश होने की संभावना है। कुछ इलाकों में भारी बारिश के साथ बिजली चमकने और तेज हवाओं का असर देखने को मिल सकता है। मौसम विभाग ने समुद्र के आसपास रहने वाले लोगों और मछुआरों को स्थानीय चेतावनियों पर ध्यान देने की सलाह दी है, क्योंकि खराब मौसम समुद्री गतिविधियों को प्रभावित कर सकता है।
आंध्र प्रदेश के तटीय इलाकों और रायलसीमा में भी बारिश का दौर जारी रह सकता है। 18 अक्टूबर को कुछ स्थानों पर भारी बारिश के साथ गरज-चमक और 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने की संभावना है। कुछ जगहों पर हवा के झोंके 60 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकते हैं। ऐसे में लोगों को बिजली चमकने और तेज हवाओं के दौरान खुले स्थानों से दूर रहने की सलाह दी जाती है।
तमिलनाडु, पुडुचेरी और कराईकल में भी बारिश की गतिविधियां जारी रहने का अनुमान है। इन क्षेत्रों में 18 और 19 अक्टूबर के अलावा 21 से 23 अक्टूबर के दौरान भी कुछ स्थानों पर भारी बारिश हो सकती है। मौसम प्रणालियों के सक्रिय रहने से कई इलाकों में गरज-चमक और बिजली गिरने का खतरा बना रह सकता है। स्थानीय प्रशासन की चेतावनियों और मौसम के ताजा अपडेट पर नजर रखना जरूरी होगा।
दूसरी ओर, दिल्ली, हरियाणा, चंडीगढ़ और पंजाब में अगले कुछ दिनों तक मौसम शुष्क रहने का अनुमान है। मौसम विभाग के पूर्वानुमान के मुताबिक, दिल्ली में 22 अक्टूबर तक बारिश की संभावना नहीं है। 21 और 22 अक्टूबर को राजधानी का अधिकतम तापमान 32 से 34 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच सकता है। यानी फिलहाल दिल्ली-एनसीआर में बारिश से राहत मिल सकती है, हालांकि तापमान में बदलाव जारी रहेगा।
हिमाचल प्रदेश सहित उत्तर-पश्चिम भारत के कई हिस्सों में भी इस सप्ताह व्यापक बारिश की संभावना कम बताई गई है। हालांकि, मौसम की स्थिति स्थानीय स्तर पर बदल सकती है, इसलिए पहाड़ी इलाकों में यात्रा करने वाले लोगों को निकलने से पहले ताजा पूर्वानुमान देखना चाहिए। पूर्वी उत्तर प्रदेश, पूर्वी राजस्थान और मध्य भारत के कुछ हिस्सों में गरज-चमक तथा तेज हवाओं की संभावना जताई गई है।
मौसम में इस बदलाव के पीछे दक्षिणी प्रायद्वीप में सक्रिय पूर्वोत्तर मानसून और उससे जुड़ी मौसम प्रणालियां प्रमुख भूमिका निभा रही हैं। IMD के अनुसार, पूर्वोत्तर मानसून की शुरुआत के बाद दक्षिण भारत के कई हिस्सों में 21 अक्टूबर तक अलग-अलग स्थानों पर भारी बारिश हो सकती है। ऐसे में कर्नाटक, केरल, आंध्र प्रदेश और तमिलनाडु के लोगों को मौसम की चेतावनियों का पालन करना चाहिए, जबकि उत्तर भारत में फिलहाल शुष्क मौसम बने रहने की संभावना है।



