
टी20 वर्ल्ड कप 2026: भारत-पाकिस्तान ‘नो हैंडशेक’ विवाद और सोशल मीडिया बहस
ICC पुरुष टी20 वर्ल्ड कप 2026 के भारत बनाम पाकिस्तान ग्रुप मैच में खेल के मैदान के टॉस और मैच के बाद दोनों टीमों के बीच पारंपरिक हैंडशेक नहीं हुआ, जिससे एक नया विवाद फिर सुर्खियों में बन गया है। यह नो-हैंडशेक नीति पहले से ही एशिया कप 2025 से चल रही है और अब इस विश्व कप के सबसे बड़े मुकाबले में भी जारी रही — भारत के कप्तान सूर्यकुमार यादव और पाकिस्तान के कप्तान सलमान अली आगा ने किसी भी औपचारिक हैंडशेक के संकेत नहीं दिए, जिससे सोशल मीडिया पर यह मुद्दा तेजी से चर्चा में छा गया।
खेल से पहले पाकिस्तान ने मैच खेलने के बदले तीन शर्तें रखीं, जिनमें सबसे अधिक चर्चा भारतीय खिलाड़ियों से अनिवार्य हैंडशेक की मांग रही है, लेकिन आईसीसी ने स्पष्ट कर दिया था कि हैंडशेक अनिवार्य नहीं है और यह टीमों की आपसी सहमति पर निर्भर करता है।
सोशल मीडिया पर ‘नो हैंडशेक’ को लेकर दो धड़े स्पष्ट रूप से दिखाई दिए — कुछ भारतीय यूजर्स ने इस पल को दशनात्मक तथा मजबूत रुख का प्रतीक बताया, तो दूसरे वर्ग ने कहा कि क्रिकेट में खेल की भावना को बनाए रखना चाहिए और हैंडशेक को जरूरी नहीं समझना चाहिए. इस पर पूर्व क्रिकेटर संजय मंजरकर ने भी आलोचना की और इसे “क्रिकेट की सच्ची भावना के विपरीत और बेकार” बताया.
इस बीच, मैच में भारत ने पाकिस्तान को 61 रनों से हरा दिया, लेकिन मैदान के बाहर नो-हैंडशेक विवाद ही सोशल मीडिया पर ज्यादा चर्चित रहा — कुछ यूजर्स ने इसे राजनीतिक तनाव का प्रतीक माना तो कई ने खेल से अलग रखने की भावना जताई.



