Advertisement
देश विदेशलाइव अपडेट
Trending

ओमान तट के पास भारतीय जहाज पर हमला

Advertisement
Advertisement

ओमान तट के पास एक भारतीय झंडे वाले जहाज पर हुए हमले ने अंतरराष्ट्रीय समुद्री सुरक्षा को लेकर नई चिंता पैदा कर दी है। ब्रिटेन की समुद्री सुरक्षा एजेंसी UKMTO (United Kingdom Maritime Trade Operations) ने दावा किया है कि खाड़ी क्षेत्र में एक जहाज को संदिग्ध हथियारबंद लोगों ने अपने कब्जे में ले लिया और उसे ईरान की दिशा में ले जाया गया। इसी बीच ओमान तट के पास भारतीय जहाज पर हुए हमले ने भारत सरकार को भी सतर्क कर दिया है।

रिपोर्ट्स के मुताबिक भारतीय ध्वज वाला एक कारोबारी जहाज ओमान के समुद्री क्षेत्र से गुजर रहा था, तभी उस पर ड्रोन या मिसाइल जैसे हथियार से हमला किया गया। हमले के बाद जहाज में आग लग गई और बाद में वह समुद्र में डूब गया। भारतीय विदेश मंत्रालय ने इस घटना को “अस्वीकार्य” बताते हुए कहा कि अंतरराष्ट्रीय व्यापारिक जहाजों और नागरिक नाविकों को निशाना बनाना गंभीर चिंता का विषय है।

भारतीय अधिकारियों के अनुसार जहाज पर मौजूद सभी 14 चालक दल के सदस्यों को ओमान कोस्ट गार्ड ने सुरक्षित बचा लिया। बताया जा रहा है कि यह जहाज सोमालिया से संयुक्त अरब अमीरात की ओर जा रहा था और उसमें पशुधन लदा हुआ था। हादसे के बाद चालक दल को ओमान के डिबा पोर्ट पर पहुंचाया गया।

इसी दौरान UKMTO ने एक और गंभीर घटना की जानकारी दी, जिसमें संयुक्त अरब अमीरात के पास एक जहाज को कुछ “अनधिकृत लोगों” ने कब्जे में ले लिया। रिपोर्ट्स में कहा गया कि जहाज को ईरानी जलक्षेत्र की ओर ले जाया गया। हालांकि अब तक किसी संगठन ने इस घटना की जिम्मेदारी नहीं ली है, लेकिन खाड़ी क्षेत्र में बढ़ते तनाव के कारण पूरी दुनिया की नजर इस घटनाक्रम पर टिकी हुई है।

दरअसल, अमेरिका-ईरान संघर्ष और स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में बढ़ती सैन्य गतिविधियों के चलते समुद्री व्यापार लगातार खतरे में है। यह समुद्री रास्ता दुनिया के सबसे अहम तेल व्यापार मार्गों में गिना जाता है। यहां किसी भी तरह का तनाव वैश्विक तेल बाजार और अंतरराष्ट्रीय व्यापार पर सीधा असर डालता है। हाल के महीनों में कई जहाजों पर हमले, ड्रोन स्ट्राइक और समुद्री कब्जे की घटनाएं सामने आ चुकी हैं।

भारत ने इस पूरे मामले पर कड़ी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि समुद्री मार्गों की सुरक्षा और व्यापारिक जहाजों की स्वतंत्र आवाजाही सुनिश्चित करना बेहद जरूरी है। विदेश मंत्रालय ने कहा कि निर्दोष नागरिक नाविकों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए। भारत पहले भी खाड़ी क्षेत्र में भारतीय जहाजों पर हुए हमलों को लेकर ईरानी अधिकारियों के सामने चिंता जता चुका है।

विशेषज्ञों का मानना है कि यदि खाड़ी क्षेत्र में हालात और बिगड़ते हैं तो इसका असर केवल तेल कीमतों तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि वैश्विक सप्लाई चेन, समुद्री व्यापार और एशियाई अर्थव्यवस्थाओं पर भी गहरा प्रभाव पड़ सकता है। भारत जैसे देश, जो ऊर्जा आयात के लिए खाड़ी क्षेत्र पर काफी हद तक निर्भर हैं, इस संकट को बेहद गंभीरता से देख रहे हैं।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button
YouTube
LinkedIn
Share