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ईशान किशन का तूफान, 270 रन से मचाया तहलका

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दलीप ट्रॉफी 2026 के फाइनल में ईस्ट जोन के कप्तान ईशान किशन ने ऐसी धुआंधार बल्लेबाजी की कि साउथ जोन के गेंदबाज पूरी तरह बेबस नजर आए। किशन ने 334 गेंदों में 270 रन की शानदार पारी खेली, जिसमें 30 चौके और 7 छक्के शामिल रहे। उनकी इस पारी की बदौलत ईस्ट जोन ने पहली पारी में 708 रन का विशाल स्कोर खड़ा कर दिया।

किशन ने इस मुकाबले में अपने प्रथम श्रेणी करियर का पहला दोहरा शतक लगाया और दलीप ट्रॉफी फाइनल में 200 या उससे ज्यादा रन बनाने वाले चुनिंदा बल्लेबाजों की सूची में शामिल हो गए। वह दलीप ट्रॉफी फाइनल में दोहरा शतक लगाने वाले ईस्ट जोन के पहले बल्लेबाज भी बने।

किशन की बल्लेबाजी की खासियत सिर्फ उनके आक्रामक शॉट नहीं रहे, बल्कि उन्होंने लंबी पारी खेलकर धैर्य का भी शानदार प्रदर्शन किया। 250 रन के आंकड़े तक पहुंचने के बाद वह गर्मी और क्रैम्प्स की वजह से कुछ समय के लिए रिटायर्ड हर्ट हुए, लेकिन बाद में दोबारा मैदान पर लौटे और अपनी पारी को 270 रन तक पहुंचाया।

उनके साथ कुमार कुशाग्र ने भी शानदार शतक लगाया। दोनों के बीच 230 रन की साझेदारी हुई, जिसने ईस्ट जोन को बेहद मजबूत स्थिति में पहुंचा दिया। आखिरकार ईस्ट जोन ने 708 रन पर अपनी पहली पारी घोषित नहीं बल्कि पूरी की, जिससे साउथ जोन पर भारी दबाव बन गया।

ईशान किशन की यह पारी उनके लिए इसलिए भी बेहद महत्वपूर्ण है क्योंकि पिछले कुछ समय से भारतीय टीम में उनकी जगह को लेकर लगातार चर्चा होती रही है। घरेलू क्रिकेट में लगातार बेहतर प्रदर्शन के जरिए किशन ने एक बार फिर दिखाया है कि वह लंबे प्रारूप में भी बड़ी पारियां खेलने की क्षमता रखते हैं। 270 रन की यह पारी उनके टेस्ट क्रिकेट में वापसी के दावे को और मजबूत कर सकती है।

इससे पहले भी किशन ने घरेलू क्रिकेट में शानदार प्रदर्शन किया है। झारखंड के लिए सैयद मुश्ताक अली ट्रॉफी में उन्होंने 517 रन बनाए थे। अब दलीप ट्रॉफी फाइनल में इतनी बड़ी पारी खेलकर उन्होंने चयनकर्ताओं के सामने एक और मजबूत प्रदर्शन पेश किया है।

ईस्ट जोन के लिए यह प्रदर्शन इसलिए भी खास है क्योंकि टीम ने साउथ जोन के खिलाफ मुकाबले में पूरी तरह दबदबा बना लिया है। 708 रन का विशाल स्कोर खड़ा करने के बाद अब गेंदबाजों के सामने चुनौती है कि वे साउथ जोन को जल्द से जल्द दबाव में लाएं। किशन की 270 रन की पारी इस फाइनल की सबसे बड़ी कहानी बन चुकी है।

हालांकि किशन तिहरा शतक पूरा करने से चूक गए। 270 रन पर उनकी पारी समाप्त हुई, लेकिन इसके बावजूद उनका प्रदर्शन रिकॉर्ड बुक में दर्ज हो गया है। वह दलीप ट्रॉफी फाइनल में दोहरा शतक लगाने वाले पांचवें बल्लेबाजों में शामिल हो गए हैं और इस मुकाबले में ईस्ट जोन की बल्लेबाजी के सबसे बड़े नायक बनकर उभरे हैं।

ईशान किशन की यह पारी सिर्फ एक घरेलू मैच की बड़ी पारी नहीं है। यह उस खिलाड़ी की वापसी का मजबूत संकेत भी मानी जा रही है, जिसने अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में अपनी जगह बनाई है और अब लाल गेंद के क्रिकेट में खुद को दोबारा साबित करने की कोशिश कर रहा है। 270 रन की यह मैराथन पारी निश्चित तौर पर भारतीय क्रिकेट में उनकी टेस्ट वापसी की चर्चा को और तेज करेगी।

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