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Hingoli Murder: पेट्रोल पंप सील करने पहुंचे IndianOil अधिकारी की 7 बार चाकू मारकर हत्या

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महाराष्ट्र के हिंगोली जिले में ड्यूटी पर तैनात इंडियनऑयल के एक अधिकारी की चाकू से हमला कर हत्या कर दी गई। मृतक की पहचान 37 वर्षीय महेश शेलके के रूप में हुई है, जो कंपनी में मैनेजर रिटेल सेल्स और फील्ड ऑफिसर के तौर पर काम कर रहे थे। वह एक टीम के साथ पेट्रोल पंप को सील कर अपने कब्जे में लेने पहुंचे थे, इसी दौरान विवाद बढ़ गया और उन पर सात बार चाकू से वार किए गए। पुलिस ने इस मामले में पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया है।

यह घटना हिंगोली के वसमत तालुका के चोंढी गांव स्थित एक पेट्रोल पंप पर मंगलवार को हुई। पुलिस के मुताबिक यह पेट्रोल पंप करीब तीन महीने से तकनीकी कारणों से बंद था और कंपनी की टीम उसे सील कर अपने नियंत्रण में लेने पहुंची थी। महेश शेलके भी इसी टीम का हिस्सा थे। दोपहर से पेट्रोल पंप संचालक के परिवार और अधिकारियों के बीच बातचीत चल रही थी। परिवार की ओर से कथित तौर पर एक महीने का समय मांगा गया, लेकिन कंपनी की टीम पंप सील करने के फैसले पर कायम रही।

बातचीत के दौरान स्थिति बिगड़ गई और विवाद हिंसक हो गया। पुलिस के अनुसार, पेट्रोल पंप संचालक के बेटे उमेश पांडववीर ने कथित तौर पर महेश शेलके पर धारदार हथियार से हमला किया। उन पर सात बार वार किए गए। कुछ अन्य आरोपियों पर अधिकारियों पर पत्थरबाजी करने का भी आरोप है। गंभीर चोट लगने के बाद शेलके को अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।

घटना के बाद पुलिस ने हत्या समेत कई धाराओं में मामला दर्ज किया। पुलिस के मुताबिक हत्या, हत्या के प्रयास, गैरकानूनी जमावड़ा और दंगा करने से जुड़ी धाराएं लगाई गई हैं, साथ ही आर्म्स एक्ट के तहत भी कार्रवाई की गई है। पुलिस ने 24 घंटे के भीतर पांचों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। आरोपियों में पेट्रोल पंप संचालक के परिवार के सदस्य और उनके कुछ परिचित शामिल बताए गए हैं।

घटना का एक CCTV फुटेज भी सामने आया है, जिसमें विवाद के दौरान अधिकारियों और कुछ लोगों के बीच झड़प दिखाई देने की बात सामने आई है। फुटेज में हमले के बाद आरोपियों के मौके से भागने की तस्वीरें भी बताई जा रही हैं। पुलिस अब CCTV और दूसरे सबूतों के आधार पर पूरे घटनाक्रम की कड़ियां जोड़ रही है और यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि विवाद किस तरह हिंसक हमले में बदल गया।

महेश शेलके की पेशेवर पृष्ठभूमि की बात करें तो उन्होंने पुणे के एक इंजीनियरिंग कॉलेज से मैकेनिकल इंजीनियरिंग की पढ़ाई की थी। वह 2014 में इंडियनऑयल से जुड़े थे और शुरुआत में दक्षिण भारत में सेवाएं दीं। 2024 में उनका तबादला महाराष्ट्र हुआ था और पिछले करीब दो वर्षों से वह अपने परिवार के साथ नांदेड़ जिले में रह रहे थे।

ड्यूटी के दौरान अधिकारी की हत्या की खबर सामने आने के बाद केंद्र और कंपनी की ओर से भी कड़ी प्रतिक्रिया दी गई है। केंद्रीय पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने घटना को बेहद गंभीर और अस्वीकार्य हिंसा बताते हुए महाराष्ट्र सरकार और पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों से त्वरित एवं सख्त कार्रवाई सुनिश्चित करने को कहा है। कंपनी की ओर से भी महेश शेलके के परिवार को हरसंभव सहायता देने की बात कही गई है।

इस घटना की तुलना 2005 में उत्तर प्रदेश में हुई इंडियनऑयल अधिकारी एस. मंजनिकाथ की हत्या से भी की जा रही है। उस मामले में भी एक अधिकारी पेट्रोल पंप से जुड़ी अनियमितताओं पर कार्रवाई कर रहे थे और बाद में उनकी हत्या कर दी गई थी। हिंगोली की घटना ने एक बार फिर ड्यूटी के दौरान नियामक और सार्वजनिक क्षेत्र के अधिकारियों की सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

फिलहाल हिंगोली पुलिस ने सभी पांच आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है और मामले की जांच जारी है। पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि पेट्रोल पंप को सील करने की कार्रवाई को लेकर विवाद किस वजह से इतना बढ़ा और हमले में शामिल प्रत्येक आरोपी की क्या भूमिका थी। महेश शेलके की हत्या ने ड्यूटी पर तैनात अधिकारियों की सुरक्षा को लेकर भी चिंता बढ़ा दी है।

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