
‘जॉनी-जॉनी यस पापा… ज्ञानेश कुमार नो पापा’, ममता बनर्जी का वीडियो वायरल
पश्चिम बंगाल की पूर्व मुख्यमंत्री और तृणमूल कांग्रेस प्रमुख ममता बनर्जी का एक वीडियो सोशल मीडिया पर चर्चा में है। इस वीडियो में वह बच्चों की लोकप्रिय कविता ‘जॉनी-जॉनी यस पापा’ की तर्ज पर विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR), मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार और केंद्र की बीजेपी सरकार पर तंज कसती दिखाई दे रही हैं। वीडियो को राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (शरदचंद्र पवार) की सांसद सुप्रिया सुले ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर साझा किया है।
वीडियो में ममता बनर्जी कविता की शैली में ‘SIR-नो पापा’, ‘इस्तीफा-यस पापा’ और ‘लोकतंत्र बचाओ-यस पापा’ जैसी पंक्तियां बोलती सुनाई देती हैं। इसके साथ ही वह ज्ञानेश कुमार और बीजेपी सरकार को लेकर भी विरोध जताती हैं। बच्चों की परिचित कविता के अंदाज में राजनीतिक संदेश देने के कारण यह वीडियो लोगों का ध्यान खींच रहा है।
सुप्रिया सुले ने वीडियो साझा करते हुए ममता बनर्जी के अंदाज की तारीफ की। उन्होंने संदेश को हास्य के साथ लोकतंत्र बचाने की गंभीर अपील बताया। वीडियो ऐसे समय सामने आया है, जब मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण और चुनाव आयोग की भूमिका को लेकर विपक्षी दल लगातार सवाल उठा रहे हैं।
SIR को लेकर विपक्ष का आरोप है कि मतदाता सूची की समीक्षा के दौरान कई लोगों के नाम हटाए जाने और सत्यापन की प्रक्रिया में अनियमितताओं को लेकर चिंताएं हैं। विपक्षी दलों ने इस प्रक्रिया के प्रभाव और चुनावी निष्पक्षता पर सवाल उठाए हैं। वहीं, मतदाता सूची के सत्यापन को लेकर चुनावी प्रक्रिया और उसके प्रशासनिक पहलुओं पर राजनीतिक बहस तेज है।
ममता बनर्जी ने इससे पहले कहा था कि वह 10 अक्टूबर को दिल्ली के जंतर-मंतर पर होने वाले प्रदर्शन में शामिल हो सकती हैं, हालांकि उस समय उन्होंने अपनी भागीदारी को लेकर अंतिम निर्णय नहीं बताया था। यह प्रदर्शन कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) की ओर से बुलाया गया है। संगठन SIR प्रक्रिया में कथित अनियमितताओं का आरोप लगाते हुए मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को पद से हटाने की मांग कर रहा है।
इस प्रदर्शन को लेकर विपक्षी दलों के बीच समर्थन पर भी चर्चा है। उपलब्ध रिपोर्टों के मुताबिक, आम आदमी पार्टी और वामपंथी दलों ने आंदोलन में शामिल होने का समर्थन जताया, जबकि कांग्रेस के इसमें शामिल न होने की खबर सामने आई। तृणमूल कांग्रेस की भागीदारी को लेकर भी पहले स्थिति पूरी तरह स्पष्ट नहीं थी।
इससे पहले INDIA गठबंधन के नेताओं के एक प्रतिनिधिमंडल ने राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू से मुलाकात कर मतदाता सूची और चुनाव आयोग से जुड़े मुद्दे उठाए थे। विपक्ष की ओर से चुनावी प्रक्रिया को लेकर चिंताएं व्यक्त की गईं। इन आरोपों पर राजनीतिक दलों के बीच मतभेद बने हुए हैं और SIR का मुद्दा राष्ट्रीय राजनीति में चर्चा का विषय बना हुआ है।
ममता बनर्जी का ‘जॉनी-जॉनी यस पापा’ वाला वीडियो इसी राजनीतिक माहौल के बीच सामने आया है। कविता के जरिए उन्होंने SIR और मुख्य चुनाव आयुक्त को लेकर अपना विरोध जाहिर किया है। अब इस वीडियो के वायरल होने के साथ-साथ दिल्ली में होने वाले प्रदर्शन और मतदाता सूची के पुनरीक्षण पर राजनीतिक दलों की आगे की रणनीति पर भी नजर रहेगी।



