
अभिनेत्री मानसी पारेख कैलाश मानसरोवर यात्रा पूरी करने के बाद सुरक्षित मुंबई लौट आई हैं। उनकी यह यात्रा उस समय बेहद मुश्किल हो गई थी, जब नेपाल-तिब्बत सीमा के पास अचानक आई भयंकर बाढ़ और भूस्खलन ने कई इलाकों को तबाह कर दिया। मानसी जिस यात्रा समूह का हिस्सा थीं, वह भी इसी क्षेत्र से गुजरने वाला था, लेकिन समय पर रास्ता बदलने की वजह से वह बड़े हादसे से बच गईं।
मानसी पारेख सद्गुरु के ईशा फाउंडेशन से जुड़े कैलाश मानसरोवर यात्रा समूह के साथ चीन गई थीं। 27 अगस्त को जिस ग्यिरोंग पोर्ट इलाके में भयावह फ्लैश फ्लड आई, वहां उन्हें भी पहुंचना था। मानसी ने सोशल मीडिया पर वहां की तस्वीरें और वीडियो साझा करते हुए बताया था कि कुछ दिन पहले ही उसी जगह उनका गर्मजोशी से स्वागत हुआ था और अब पूरा इलाका पानी और मलबे में डूब चुका था।
बाढ़ की खबर सामने आने के बाद मानसी ने बताया था कि वह चीन में सुरक्षित हैं और यात्रा समूह उन्हें वापस घर लाने की कोशिश कर रहा है। उन्होंने प्रभावित लोगों के लिए चिंता जताते हुए सभी से उनके लिए प्रार्थना करने की अपील भी की थी। उस समय उनकी सुरक्षित स्थिति की जानकारी सामने आने से परिवार और प्रशंसकों ने राहत की सांस ली थी।
अब भारत लौटने के बाद मानसी ने अपने इस सफर को बेहद भावुक अनुभव बताया है। रिपोर्टों के अनुसार, उन्होंने कहा कि पिछले 3-4 दिन उनके लिए काफी भारी रहे और इस पूरी यात्रा को वह जिंदगीभर याद रखेंगी। नेपाल-तिब्बत क्षेत्र में बाढ़, भूस्खलन और खराब रास्तों के बीच सुरक्षित निकलना उनके लिए किसी बड़ी परीक्षा से कम नहीं था।
मुंबई लौटने के दौरान मानसी अपने परिवार से मिलीं तो वह भावुक हो गईं। एयरपोर्ट पर पति और बेटी से मिलने का पल भी बेहद भावुक रहा। कठिन परिस्थितियों से निकलकर घर पहुंचने के बाद उन्होंने राहत महसूस की और अपने परिवार के साथ समय बिताया।
मानसी ने जिस समय कैलाश मानसरोवर यात्रा शुरू की थी, तब उनका उद्देश्य आध्यात्मिक अनुभव हासिल करना था, लेकिन प्राकृतिक आपदा ने इस यात्रा को जीवन के सबसे चुनौतीपूर्ण अनुभवों में बदल दिया। फ्लैश फ्लड और भूस्खलन के बीच रास्ते में फंसे कई यात्रियों के लिए हालात बेहद गंभीर रहे और कई लोग अब भी लापता बताए जा रहे हैं।
इस घटना के बाद मानसी पारेख की सुरक्षित वापसी उनके परिवार और प्रशंसकों के लिए बड़ी राहत है। जिस यात्रा को उन्होंने आध्यात्मिक और यादगार बनाने के लिए शुरू किया था, वह अब उनके जीवन की ऐसी घटना बन चुकी है जिसे वह लंबे समय तक नहीं भूल पाएंगी। प्राकृतिक आपदा के बीच सुरक्षित वापस लौटना उनके लिए किसी बड़ी जीत से कम नहीं रहा।



