
मानसून ने बढ़ाई रफ्तार, 4 राज्यों में मूसलाधार बारिश का रेड अलर्ट
देशभर में मौसम का मिजाज तेजी से बदल रहा है। एक ओर दक्षिण-पश्चिम मानसून लगातार आगे बढ़ रहा है और कई राज्यों में भारी से बहुत भारी बारिश का दौर शुरू हो गया है, वहीं दूसरी ओर कुछ हिस्सों में भीषण गर्मी और लू का प्रकोप अभी भी जारी है। भारतीय मौसम विभाग (IMD) ने अगले कुछ दिनों के लिए चार राज्यों में अत्यधिक बारिश को लेकर रेड अलर्ट जारी किया है, जबकि पांच राज्यों में हीटवेव की चेतावनी दी गई है। मौसम विभाग का कहना है कि मानसून अब मध्य भारत की ओर तेजी से बढ़ रहा है और जल्द ही छत्तीसगढ़ सहित कई अन्य क्षेत्रों को कवर कर सकता है।
मौसम विभाग के अनुसार पश्चिमी तट और पूर्वोत्तर भारत के कुछ हिस्सों में भारी वर्षा की गतिविधियां तेज हो गई हैं। लगातार हो रही बारिश के कारण कई नदियों और जलाशयों का जलस्तर बढ़ने लगा है। प्रशासन ने निचले इलाकों में रहने वाले लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी है। कुछ क्षेत्रों में जलभराव, भूस्खलन और यातायात प्रभावित होने की आशंका भी जताई गई है। राज्य सरकारों और स्थानीय प्रशासन को आपदा प्रबंधन से जुड़े सभी इंतजाम तैयार रखने के निर्देश दिए गए हैं।
विशेषज्ञों का कहना है कि अरब सागर और बंगाल की खाड़ी से मिल रही नमी के कारण मानसून को अतिरिक्त ताकत मिल रही है। यही वजह है कि कई इलाकों में सामान्य से अधिक बारिश दर्ज की जा रही है। मौसम वैज्ञानिकों का अनुमान है कि आने वाले दिनों में मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, झारखंड और पूर्वी उत्तर प्रदेश के कई हिस्सों में भी बारिश की गतिविधियां बढ़ सकती हैं। इससे कृषि क्षेत्र को लाभ मिलने की उम्मीद है, क्योंकि खरीफ फसलों की बुवाई का समय शुरू हो चुका है।
दूसरी ओर उत्तर-पश्चिम और मध्य भारत के कुछ क्षेत्रों में गर्मी का असर अभी भी बना हुआ है। मौसम विभाग ने पांच राज्यों के लिए हीटवेव अलर्ट जारी करते हुए लोगों को दोपहर के समय अनावश्यक रूप से घर से बाहर न निकलने की सलाह दी है। कई शहरों में तापमान सामान्य से ऊपर बना हुआ है, जिससे लोगों को उमस और गर्म हवाओं का सामना करना पड़ रहा है। स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने बुजुर्गों, बच्चों और बीमार लोगों को विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी है।
छत्तीसगढ़ के लिए मौसम विभाग का पूर्वानुमान विशेष रूप से महत्वपूर्ण माना जा रहा है। राज्य में मानसून के प्रवेश की परिस्थितियां तेजी से अनुकूल हो रही हैं और अगले कुछ दिनों में यहां व्यापक बारिश शुरू हो सकती है। किसानों को लंबे समय से मानसून का इंतजार था, क्योंकि वर्षा की कमी के कारण खेती की तैयारियां प्रभावित हो रही थीं। मानसून के सक्रिय होने से धान समेत अन्य खरीफ फसलों की बुवाई में तेजी आने की संभावना है।
बारिश और गर्मी के इस दोहरे प्रभाव के बीच प्रशासन ने लोगों से मौसम विभाग की सलाह का पालन करने की अपील की है। भारी बारिश वाले क्षेत्रों में लोगों को नदी-नालों और जलभराव वाले इलाकों से दूर रहने को कहा गया है, जबकि लू प्रभावित क्षेत्रों में पर्याप्त पानी पीने और धूप से बचाव के उपाय अपनाने की सलाह दी गई है। आपदा प्रबंधन एजेंसियों को भी संभावित आपात स्थितियों से निपटने के लिए तैयार रहने को कहा गया है।
मौसम विशेषज्ञों का मानना है कि जून के अंतिम सप्ताह और जुलाई की शुरुआत में मानसून देश के अधिकांश हिस्सों में सक्रिय हो जाएगा। इससे जहां कई राज्यों को गर्मी से राहत मिलेगी, वहीं कुछ क्षेत्रों में अत्यधिक वर्षा के कारण बाढ़ और जलभराव जैसी चुनौतियां भी सामने आ सकती हैं। ऐसे में आने वाले दिनों में मौसम की स्थिति पर लगातार नजर बनाए रखना जरूरी होगा।



