मुंबई में मुहर्रम के जुलूस के दौरान एक बड़ी अनहोनी को टालने का दावा करते हुए पुलिस ने चौंकाने वाला खुलासा किया है। पुलिस के अनुसार, मुहर्रम के जुलूस में शामिल लोगों को कथित तौर पर चूहे मारने वाले जहर से भरे कैप्सूल बांटने की साजिश रची गई थी, जिसे समय रहते विफल कर दिया गया। इस मामले में पुणे निवासी एक व्यक्ति को हिरासत में लिया गया है और उसके कब्जे से करीब 14,900 ऐसे कैप्सूल बरामद किए गए हैं, जिनमें जिंक फॉस्फाइड जैसे जहरीले पदार्थ की मौजूदगी बताई जा रही है।
जांच एजेंसियों के मुताबिक आरोपी की पहचान फैय्याज प्रेमजी के रूप में हुई है, जो पेशे से कारोबारी बताया जा रहा है। पुलिस का दावा है कि आरोपी ने बड़ी संख्या में खाली कैप्सूल मंगवाए थे और उनमें एक-एक ग्राम जहरीला पदार्थ भरकर लोगों तक पहुंचाने की तैयारी की थी। अधिकारियों के अनुसार, लगभग 30 हजार कैप्सूल तैयार करने की योजना थी, लेकिन उससे पहले ही कार्रवाई करते हुए बड़ी खेप जब्त कर ली गई। पुलिस का कहना है कि यह केवल एक व्यक्ति की हरकत थी या इसके पीछे कोई बड़ा नेटवर्क सक्रिय है, इसकी गहन जांच की जा रही है।
मामले का खुलासा तब हुआ जब जुलूस के दौरान एक व्यक्ति की तबीयत बिगड़ने की सूचना सामने आई। उसे उल्टी और पेट दर्द की शिकायत के बाद अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों को संदेह हुआ कि उसने जो दवा समझकर कैप्सूल खाया था, उसमें कोई जहरीला तत्व हो सकता है। इसके बाद अस्पताल प्रशासन ने पुलिस को सूचना दी और जांच शुरू हुई। पूछताछ तथा तलाशी अभियान के दौरान बड़ी मात्रा में जहरीले कैप्सूल बरामद किए गए, जिससे सुरक्षा एजेंसियों में हड़कंप मच गया।
मुंबई पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों ने बताया कि आरोपी के यात्रा इतिहास, वित्तीय लेन-देन, मोबाइल डेटा और संपर्कों की जांच की जा रही है। शुरुआती जानकारी के अनुसार वह पिछले कुछ वर्षों में कई बार ईरान और इराक की यात्रा कर चुका है। हालांकि, पुलिस ने अभी तक किसी आतंकी संगठन या अंतरराष्ट्रीय साजिश से सीधे संबंध की पुष्टि नहीं की है। अधिकारियों का कहना है कि जांच पूरी होने के बाद ही पूरे घटनाक्रम की वास्तविक तस्वीर सामने आएगी।
इस घटना के सामने आने के बाद धार्मिक आयोजनों की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर भी सवाल उठने लगे हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि भीड़भाड़ वाले धार्मिक आयोजनों में सुरक्षा मानकों को और अधिक सख्त करने की आवश्यकता है ताकि किसी भी असामाजिक तत्व की योजना को समय रहते नाकाम किया जा सके। फिलहाल पुलिस ने लोगों से अपील की है कि किसी भी अज्ञात व्यक्ति द्वारा दी जाने वाली दवा, खाद्य पदार्थ या अन्य सामग्री को बिना जांच-परख स्वीकार न करें और संदिग्ध गतिविधियों की तुरंत सूचना प्रशासन को दे


