
नसीमुद्दीन सिद्दीकी ने कांग्रेस से इस्तीफा दे दिया, यूपी राजनीति में हलचल
उत्तर प्रदेश राजनीति में आज एक बड़ी खबर सामने आई है—कांग्रेस के वरिष्ठ नेता नसीमुद्दीन सिद्दीकी ने भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस की प्राथमिक सदस्यता से इस्तीफा दे दिया है, जिससे पार्टी को राजनीतिक झटका लगा है। उनका यह फैसला 24 जनवरी 2026 को आया, जब सियासी गलियारों में इस कदम को लेकर चर्चा तेज़ हो गई।
नसीमुद्दीन सिद्दीकी एक अनुभवी और वरिष्ठ नेता हैं, जिन्होंने लंबे समय तक कांग्रेस पार्टी के लिए राजनीति की है। सियासी विश्लेषकों का मानना है कि उनके इस्तीफे से उत्तर प्रदेश कांग्रेस संगठन को विधानसभा चुनावों से पहले बड़ा नुकसान हो सकता है।
सूत्रों के अनुसार सिद्दीकी ने पार्टी छोड़ने का निर्णय कांग्रेस के आंतरिक हालात और कार्यशैली से असंतोष के कारण लिया है। उन्होंने इस्तीफा अपने साथियों के साथ मिलकर दिया है और बताया गया है कि वे पार्टी की वर्तमान स्थिति से संतुष्ट नहीं थे।
सिद्दीकी का राजनीतिक करियर लंबे समय से रहा है—पहले वे बहुजन समाज पार्टी (BSP) से जुड़े थे और बाद में कांग्रेस में शामिल हुए थे। उनके कांग्रेस छोड़ने के बाद सियासी रणनीतिकार इस बात पर भी अटकलें लगा रहे हैं कि वह आगे किस पथ का चयन करेंगे और क्या उनका कोई अलग राजनीतिक कदम होगा।
यह घटना उत्तर प्रदेश में राजनीतिक परिदृश्य को प्रभावित कर सकती है, खासकर जब राज्य विधानसभा चुनावों की तैयारी जोरों पर है। सिद्दीकी के इस्तीफे से कांग्रेस कार्यकर्ताओं और समर्थकों में निराशा और चिंता की भावना फैल रही है, जबकि राजनीतिक विरोधी दल इस मौके का राजनीतिक लाभ उठाने की कोशिश कर सकते हैं।



