
नेपाल ने विदेशी मदद नहीं ठुकराई, PM बालेन शाह बोले- गलत जानकारी न फैलाएं
नेपाल में विनाशकारी फ्लैश फ्लड के बाद विदेशी मदद को लेकर चल रही चर्चाओं के बीच प्रधानमंत्री बालेन्द्र शाह ने स्थिति स्पष्ट की है। उन्होंने कहा कि नेपाल ने विदेशी सहायता को खारिज नहीं किया है और आपदा के बीच देश को मिल रहे अंतरराष्ट्रीय सहयोग का स्वागत किया जा रहा है। उन्होंने लोगों से अपील की कि विदेशी सहायता को लेकर भ्रामक या गलत जानकारी न फैलाएं।
दरअसल, नेपाल में भीषण बाढ़ के बाद भारत, चीन, अमेरिका, ब्रिटेन, जापान, दक्षिण कोरिया और अन्य देशों ने राहत एवं बचाव में मदद की पेशकश की थी। शुरुआती दौर में नेपाल सरकार ने विदेशी सर्च एंड रेस्क्यू टीमों को देश में आने की अनुमति नहीं दी थी। नेपाली अधिकारियों का कहना था कि नेपाल की अपनी सुरक्षा एजेंसियां राहत और बचाव अभियान संभालने में सक्षम हैं।
इसी वजह से सोशल मीडिया और कुछ रिपोर्टों में यह दावा किया जाने लगा कि नेपाल ने विदेशी सहायता ही ठुकरा दी है। प्रधानमंत्री बालेन शाह ने इसी भ्रम को दूर करते हुए स्पष्ट किया कि विदेशी सहायता और विदेशी बचाव टीमों को स्वीकार करने के मुद्दे को एक जैसा नहीं समझना चाहिए। नेपाल राहत सामग्री, आर्थिक सहायता और तकनीकी सहयोग को लेकर अंतरराष्ट्रीय समुदाय के साथ संपर्क में है।
नेपाल की स्थिति इस समय बेहद गंभीर है। फ्लैश फ्लड में सैकड़ों लोगों की मौत हुई है और करीब 2,000 लोग अब भी लापता बताए जा रहे हैं। नेपाल के राष्ट्रीय आपदा जोखिम न्यूनीकरण एवं प्रबंधन प्राधिकरण के अनुसार मृतकों की संख्या 579 तक पहुंच चुकी है। लापता लोगों में बड़ी संख्या विदेशी नागरिकों और हाइड्रोपावर परियोजनाओं में काम करने वाले कर्मचारियों की भी है।
भारत ने भी नेपाल के लिए राहत सामग्री भेजी है। इससे पहले भारत करीब 50 टन राहत सामग्री नेपाल पहुंचा चुका है, जिसमें अस्थायी आश्रय, कंबल, हाइजीन किट, लाइट और दवाइयां शामिल थीं। इसके अलावा कई अन्य देशों और अंतरराष्ट्रीय संगठनों ने भी आर्थिक सहायता, राहत सामग्री और तकनीकी सहयोग की घोषणा की है।
विदेशी सहायता को लेकर नेपाल का रुख फिलहाल इस बात पर केंद्रित दिखाई देता है कि राहत और बचाव अभियान का नियंत्रण नेपाली सुरक्षा एजेंसियों के हाथ में रहे, जबकि जरूरत के मुताबिक बाहरी संसाधनों और सहयोग का इस्तेमाल किया जाए। आपदा की गंभीरता को देखते हुए नेपाल को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर लगातार सहायता मिल रही है।
प्रधानमंत्री बालेन शाह का यह बयान ऐसे समय आया है जब नेपाल में बाढ़ के बाद राहत और बचाव अभियान बेहद चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों में जारी है। कई सड़कें और पुल बह चुके हैं और दुर्गम इलाकों तक पहुंचना मुश्किल बना हुआ है। ऐसे में सरकार की प्राथमिकता लापता लोगों की तलाश, प्रभावित लोगों को सुरक्षित स्थानों तक पहुंचाना और जरूरी राहत सामग्री उपलब्ध कराना है।



