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2028 में प्रियांक खरगे बनेंगे कर्नाटक के मुख्यमंत्री?

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कर्नाटक की राजनीति में वर्ष 2028 के विधानसभा चुनावों को लेकर अभी से चर्चाओं का दौर शुरू हो गया है। राज्य के वरिष्ठ कांग्रेस नेता और विधान परिषद सदस्य टिप्पन्ना कामाकनूर के एक बयान ने राजनीतिक हलकों में नई बहस छेड़ दी है। उन्होंने दावा किया है कि मौजूदा गृह एवं ई-गवर्नेंस मंत्री प्रियांक खरगे आने वाले विधानसभा चुनावों के बाद राज्य के मुख्यमंत्री बन सकते हैं। उनके इस बयान को कांग्रेस के भीतर उभरते नेतृत्व और भविष्य की राजनीतिक रणनीति से जोड़कर देखा जा रहा है।

कलबुर्गी में आयोजित एक सम्मान समारोह के दौरान कांग्रेस नेताओं ने प्रियांक खरगे का जोरदार स्वागत किया। यह उनका जिले के प्रभारी मंत्री के रूप में पहला दौरा था, जहां बड़ी संख्या में कार्यकर्ता और समर्थक मौजूद रहे। इसी कार्यक्रम में बोलते हुए कांग्रेस एमएलसी टिप्पन्ना कामाकनूर ने कहा कि प्रियांक खरगे आज राज्य के लोकप्रिय मंत्रियों में शामिल हैं और वर्ष 2028 के चुनाव में जीत हासिल करने के बाद मुख्यमंत्री पद तक पहुंच सकते हैं। उन्होंने यह भी कहा कि वर्तमान में वे गृह मंत्री के रूप में प्रभावी भूमिका निभा रहे हैं और भविष्य में उनकी जिम्मेदारियां और बढ़ सकती हैं।

कार्यक्रम में मौजूद अन्य कांग्रेस नेताओं ने भी प्रियांक खरगे की प्रशासनिक क्षमता और संगठनात्मक कौशल की सराहना की। नेताओं का कहना था कि उन्हें ऐसे महत्वपूर्ण विभाग सौंपे गए हैं, जो सामान्यतः मुख्यमंत्री के पास रहते हैं। ई-गवर्नेंस जैसे अहम विभाग की जिम्मेदारी उन्हें दिया जाना उनकी कार्यक्षमता और नेतृत्व क्षमता का प्रमाण माना जा रहा है। कुछ नेताओं ने यह भी कहा कि उनमें मुख्यमंत्री बनने के लिए आवश्यक सभी गुण मौजूद हैं और वे भविष्य में राज्य की कमान संभाल सकते हैं।

प्रियांक खरगे कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे के पुत्र हैं और कर्नाटक की राजनीति में एक प्रभावशाली युवा चेहरा माने जाते हैं। वे लगातार कई बार विधायक चुने जा चुके हैं और राज्य सरकार में विभिन्न महत्वपूर्ण विभागों की जिम्मेदारी निभा चुके हैं। पार्टी के भीतर उनका प्रभाव बढ़ने के साथ-साथ उन्हें कांग्रेस के भविष्य के नेतृत्व के रूप में भी देखा जा रहा है। हालांकि मुख्यमंत्री पद को लेकर अंतिम फैसला पार्टी नेतृत्व और विधायक दल के स्तर पर ही लिया जाएगा।

राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि कांग्रेस के भीतर नेतृत्व परिवर्तन और भविष्य की रणनीति को लेकर समय-समय पर चर्चाएं होती रही हैं। ऐसे में टिप्पन्ना कामाकनूर का यह बयान केवल व्यक्तिगत राय है या फिर पार्टी के भीतर किसी बड़े राजनीतिक संकेत का हिस्सा, इस पर भी चर्चा शुरू हो गई है। विपक्षी दलों ने भी इस बयान को लेकर कांग्रेस पर निशाना साधना शुरू कर दिया है और इसे सत्ता के भीतर चल रही महत्वाकांक्षाओं से जोड़कर देखा जा रहा है।

फिलहाल कांग्रेस नेतृत्व की ओर से इस बयान पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है, लेकिन इतना जरूर है कि 2028 के विधानसभा चुनाव अभी दूर हैं और तब तक राज्य की राजनीति में कई नए समीकरण बन सकते हैं। इसके बावजूद प्रियांक खरगे को लेकर की गई यह भविष्यवाणी कर्नाटक की राजनीति में चर्चा का विषय बन गई है और आने वाले दिनों में इस पर राजनीतिक प्रतिक्रियाओं का सिलसिला जारी रह सकता है।

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