
उत्तर प्रदेश के प्रतापगढ़ जिले की कुंडा विधानसभा सीट से विधायक रघुराज प्रताप सिंह उर्फ राजा भैया एक बार फिर अपनी शस्त्र पूजा को लेकर चर्चा में हैं। विजयादशमी के अवसर पर उनके बेंती राजभवन में पारंपरिक शस्त्र पूजन का आयोजन किया गया, जहां सैकड़ों की संख्या में हथियार एक बड़ी मेज पर सजाए गए थे। इस आयोजन का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है और हथियारों की संख्या लोगों के बीच चर्चा का विषय बनी हुई है।
मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक, इस बार पूजा के दौरान 500 से अधिक हथियार प्रदर्शित किए गए। इनमें बंदूकें, राइफल, पिस्तौल और अन्य तरह के असलहे शामिल बताए गए हैं। राजा भैया के समर्थक और क्षेत्र के कई जनप्रतिनिधि भी आयोजन में पहुंचे थे। बताया गया कि कुछ समर्थक अपने हथियार लेकर आए थे, जिन्हें पूजा के दौरान एक साथ सजाया गया।
पूजा के दौरान राजा भैया पारंपरिक धोती-कुर्ता और केसरिया पगड़ी पहने नजर आए। वैदिक मंत्रोच्चार के बीच उन्होंने विधि-विधान से शस्त्र पूजन किया। उनके जुड़वां बेटे शिवराज और ब्रजराज भी इस कार्यक्रम में शामिल हुए। राजा भैया ने शस्त्र पूजन को पुरानी पारिवारिक परंपरा बताते हुए भारतीय संस्कृति और धार्मिक रीति-रिवाजों को संरक्षित रखने की बात कही।
कार्यक्रम के दौरान राजा भैया के एक बयान ने भी ध्यान खींचा। हथियारों की बड़ी संख्या का जिक्र करते हुए उन्होंने हाथी के दांतों वाली कहावत का इस्तेमाल किया और कहा कि दिखाने के दांत अलग होते हैं और खाने के अलग। उनके इस बयान को लेकर सोशल मीडिया पर तरह-तरह की चर्चाएं हो रही हैं। हालांकि, बयान का आशय क्या था, इसे लेकर अलग-अलग व्याख्याएं की जा रही हैं।
राजा भैया की शस्त्र पूजा पिछले साल भी चर्चा में आई थी, जब दशहरे के मौके पर उनकी कोठी में 200 से अधिक हथियारों को पूजन के लिए सजाया गया था। इस बार हथियारों की संख्या पहले से ज्यादा बताई जा रही है। इस आयोजन में समर्थकों के हथियार भी शामिल होने की बात कही गई है, इसलिए प्रदर्शित सभी हथियारों को राजा भैया का निजी हथियार भंडार मानना सही नहीं होगा।
इस आयोजन के पीछे एक पुराना विवाद भी है। सितंबर 2025 में राजा भैया की पत्नी भानवी सिंह ने सोशल मीडिया पर एक वीडियो साझा कर हथियारों के कथित अवैध भंडार को लेकर आरोप लगाए थे और इस संबंध में शिकायत भी की थी। दूसरी ओर, राजा भैया के करीबी सहयोगी ने इन आरोपों को खारिज करते हुए कहा था कि संबंधित हथियार लाइसेंसी हैं। आरोपों और उनके जवाब के बीच, हथियारों की वैधता को लेकर किसी निष्कर्ष पर पहुंचने के लिए आधिकारिक रिकॉर्ड और जांच के नतीजे जरूरी हैं।
राजा भैया 1993 से कुंडा विधानसभा क्षेत्र का प्रतिनिधित्व कर रहे हैं और उत्तर प्रदेश की राजनीति में उनकी अलग पहचान रही है। इस बार शस्त्र पूजा के वीडियो, हथियारों की संख्या और उनके बयान के कारण यह आयोजन फिर सुर्खियों में आ गया है। जहां समर्थक इसे धार्मिक और पारिवारिक परंपरा के तौर पर देखते हैं, वहीं हथियारों की संख्या और उनसे जुड़े पुराने आरोपों के कारण इस पर सार्वजनिक चर्चा भी जारी है।



