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राखी सावंत के खिलाफ 16 साल पुराने मामले में गैर-जमानती वारंट जारी

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बॉलीवुड अभिनेत्री राखी सावंत की कानूनी मुश्किलें एक बार फिर बढ़ गई हैं। उत्तर प्रदेश के झांसी की अदालत ने उनके खिलाफ 16 साल पुराने एक मामले में गैर-जमानती वारंट जारी किया है। यह मामला वर्ष 2010 में प्रसारित हुए उनके रियलिटी शो ‘राखी का इंसाफ’ से जुड़ा है। अदालत ने कथित तौर पर बार-बार पेशी पर अनुपस्थित रहने के बाद यह कदम उठाया है। पुलिस को राखी सावंत और मामले के अन्य आरोपियों को गिरफ्तार कर 1 दिसंबर 2026 को अदालत में पेश करने का निर्देश दिया गया है।

यह मामला झांसी के प्रेमनगर थाना क्षेत्र के निवासी लक्ष्मण अहिरवार से जुड़ा है। उस समय लक्ष्मण और उनकी पत्नी अनीता के बीच वैवाहिक विवाद चल रहा था। इसी विवाद को लेकर दोनों को ‘राखी का इंसाफ’ कार्यक्रम में बुलाया गया था। यह शो निजी और पारिवारिक विवादों को कैमरे के सामने रखकर उन पर चर्चा करने के लिए जाना जाता था। कार्यक्रम में हुई कथित टिप्पणियों के बाद यह मामला कानूनी विवाद में बदल गया।

शिकायत के मुताबिक, कार्यक्रम के दौरान राखी सावंत ने लक्ष्मण के लिए आपत्तिजनक भाषा का इस्तेमाल किया था और उन्हें कथित तौर पर ‘नामर्द’ कहा था। लक्ष्मण की मां सावित्री ने आरोप लगाया था कि सार्वजनिक रूप से अपमानित किए जाने के बाद उनके बेटे ने आत्महत्या कर ली। इन आरोपों के आधार पर पुलिस में शिकायत दर्ज कराई गई थी। हालांकि, आरोपों और लक्ष्मण की मौत के बीच कानूनी रूप से संबंध साबित होना अभी न्यायिक प्रक्रिया का विषय है।

लक्ष्मण की मौत के बाद प्रेमनगर थाने में राखी सावंत और शो से जुड़े अन्य लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया था। पुलिस ने जांच के बाद अदालत में आरोपपत्र भी दाखिल किया। मामले में भारतीय दंड संहिता की विभिन्न धाराओं के तहत आरोप लगाए गए थे, जिनमें कथित अश्लील भाषा, मानहानि और जानबूझकर अपमान करने से संबंधित प्रावधान शामिल बताए गए हैं। यह मामला कई वर्षों से अदालत में लंबित है।

जिला शासकीय अधिवक्ता मृदुल कांत श्रीवास्तव के मुताबिक, राखी सावंत को 16 अक्टूबर 2026 को अदालत में पेश होना था, लेकिन वह उपस्थित नहीं हुईं। इसके बाद अदालत ने 16 अक्टूबर को ही गैर-जमानती वारंट जारी किया। अदालत की ओर से पुलिस को निर्धारित तारीख तक आरोपियों को पेश करने का निर्देश दिया गया है। गैर-जमानती वारंट जारी होने का अर्थ यह नहीं है कि आरोपी दोषी साबित हो चुका है, बल्कि यह अदालत में उनकी उपस्थिति सुनिश्चित करने के लिए जारी किया गया आदेश है।

इस मामले के दोबारा चर्चा में आने के बीच राखी सावंत की सोशल मीडिया प्रतिक्रिया भी सुर्खियों में है। रिपोर्टों के अनुसार, उन्होंने वारंट से जुड़ी खबर पर इंस्टाग्राम पर हंसने वाले इमोजी के जरिए प्रतिक्रिया दी। हालांकि, इस प्रतिक्रिया को मामले पर उनका विस्तृत आधिकारिक पक्ष नहीं माना जा सकता। मामले की सुनवाई और अदालत के समक्ष उनका पक्ष सामने आने के बाद ही आगे की कानूनी स्थिति अधिक स्पष्ट होगी।

करीब 16 साल पुराने इस मामले में अब अदालत की अगली कार्रवाई महत्वपूर्ण मानी जा रही है। पुलिस को वारंट के अनुपालन में कदम उठाने हैं और आरोपियों को न्यायालय के सामने पेश करना है। इसके बाद अदालत उपलब्ध रिकॉर्ड, आरोपपत्र और पक्षकारों की दलीलों के आधार पर आगे की कार्यवाही करेगी। फिलहाल राखी सावंत के खिलाफ जारी वारंट मामले में एक नया कानूनी घटनाक्रम है, जबकि आरोपों पर अंतिम फैसला अदालत की प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही होगा।

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