
सर्जियो गोर बोले- जम्मू-कश्मीर भारत का अहम हिस्सा, उमर अब्दुल्ला से की मुलाकात
भारत में अमेरिका के राजदूत सर्जियो गोर ने जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला से श्रीनगर में मुलाकात की। इस दौरान दोनों के बीच जम्मू-कश्मीर और अमेरिका के बीच सहयोग बढ़ाने, आर्थिक साझेदारी और भविष्य के अवसरों को लेकर चर्चा हुई। मुलाकात के बाद सर्जियो गोर ने जम्मू-कश्मीर को भारत का अहम हिस्सा बताते हुए कहा कि यहां आकर उन्हें बहुत अच्छा लगा।
मुलाकात के दौरान दोनों पक्षों ने आर्थिक सहयोग को मजबूत करने और ऐसे अवसरों पर चर्चा की, जिनसे भारत और अमेरिका दोनों को फायदा हो सके। सर्जियो गोर ने कहा कि बैठक काफी गर्मजोशी और दोस्ताना माहौल में हुई और दोनों पक्ष इस रिश्ते को आगे बढ़ाने के लिए उत्सुक हैं। उन्होंने जम्मू-कश्मीर की प्राकृतिक सुंदरता की भी सराहना की और कहा कि यह क्षेत्र काफी खूबसूरत है।
सर्जियो गोर ने जम्मू-कश्मीर को लेकर अमेरिका की ट्रैवल वॉर्निंग पर भी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि अमेरिका समय-समय पर अपनी ट्रैवल एडवाइजरी की समीक्षा करता है। हालांकि उन्होंने तत्काल किसी बड़े बदलाव की घोषणा नहीं की, लेकिन संकेत दिया कि बेहतर सुरक्षा परिस्थितियों को देखते हुए इस मामले पर विचार किया जा सकता है। उनके अनुसार, नई दिल्ली और जम्मू-कश्मीर प्रशासन ने क्षेत्र को अधिक सुरक्षित बनाने के लिए महत्वपूर्ण कदम उठाए हैं।
उन्होंने कहा कि यदि सुरक्षा परिस्थितियां अनुकूल रहती हैं तो भविष्य में अधिक अमेरिकी पर्यटक जम्मू-कश्मीर की यात्रा कर सकते हैं। सर्जियो गोर के मुताबिक, यह इलाका न केवल प्राकृतिक रूप से बेहद आकर्षक है, बल्कि यहां पर्यटन और अन्य क्षेत्रों में भी कई संभावनाएं मौजूद हैं।
वहीं मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने कहा कि बैठक के दौरान जम्मू-कश्मीर और अमेरिका के बीच आपसी सहयोग को और गहरा करने की संभावनाओं पर सकारात्मक बातचीत हुई। खास तौर पर पर्यटन, बागवानी और नई अर्थव्यवस्था से जुड़े क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने पर चर्चा की गई। मुख्यमंत्री ने उम्मीद जताई कि भविष्य में दोनों पक्षों के बीच बातचीत और सहयोग का यह सिलसिला आगे बढ़ेगा।
सर्जियो गोर का जम्मू-कश्मीर दौरा और उनकी यह टिप्पणी कूटनीतिक दृष्टि से भी महत्वपूर्ण मानी जा रही है। जम्मू-कश्मीर को भारत का अहम हिस्सा बताने के साथ-साथ आर्थिक सहयोग, पर्यटन और सुरक्षा स्थितियों पर हुई चर्चा ने इस मुलाकात को खास बना दिया है। अब यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि अमेरिका अपनी ट्रैवल वॉर्निंग की समीक्षा को लेकर आगे क्या फैसला करता है और जम्मू-कश्मीर के साथ सहयोग बढ़ाने के लिए किन क्षेत्रों में नई पहल की जाती है।



